MP कृषि उपज मंडी में बड़ा बदलाव: अब सीधे नहीं मिलेंगी दुकानें और गोदाम, केवल ई-नीलामी से होगा आवंटन; लागू होगा ‘एक व्यापारी-एक दुकान’ नियम
MP कृषि उपज मंडी में बड़ा बदलाव: अब सीधे नहीं मिलेंगी दुकानें और गोदाम, केवल ई-नीलामी से होगा आवंटन; लागू होगा 'एक व्यापारी-एक दुकान' नियम
MP कृषि उपज मंडी में बड़ा बदलाव: अब सीधे नहीं मिलेंगी दुकानें और गोदाम, केवल ई-नीलामी से होगा आवंटन; लागू होगा ‘एक व्यापारी-एक दुकान’ नियम
भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश की कृषि उपज मंडियों में दुकानों, गोदामों, प्लांटों और भूखंडों (Plots) के आवंटन की व्यवस्था में पारदर्शी और क्रांतिकारी बदलाव किया है। अब राज्य की किसी भी मंडी में दुकान या भूखंड का आवंटन ऑफलाइन या सीधे तौर पर नहीं किया जाएगा। सभी आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत केवल ऑनलाइन ई-नीलामी (E-Auction) के माध्यम से ही किए जाएंगे।MP कृषि उपज मंडी में बड़ा बदलाव: अब सीधे नहीं मिलेंगी दुकानें और गोदाम, केवल ई-नीलामी से होगा आवंटन; लागू होगा ‘एक व्यापारी-एक दुकान’ नियम
इसके साथ ही, सरकार ने मंडियों में एकाधिकार को खत्म करने के लिए पहली बार ‘एक व्यापारी-एक दुकान’ (One Trader-One Shop) का नियम लागू करने का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। यह नया नियम प्रदेश की सभी 557 कृषि उपज मंडियों में प्रभावी होगा।
ई-नीलामी और 30 साल की लंबी लाइसेंस अवधि
नए प्रावधानों के तहत मंडी आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सुव्यवस्थित बनाया गया है:
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समाचार पत्रों में विज्ञापन: ई-नीलामी की सूचना कम से कम 15 दिन पहले प्रमुख हिंदी समाचार पत्रों और शासन के अधिकृत पोर्टल पर प्रकाशित करना अनिवार्य होगा।
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30 साल का लाइसेंस: सफल बोलीदाता को अब 30 वर्ष की लंबी अवधि का लाइसेंस मिलेगा। पहले यह अवधि केवल 5 वर्ष की होती थी और व्यापारियों को बार-बार नवीनीकरण (Renewal) की जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था।
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भुगतान की शर्तें: आवंटन के बाद सफल व्यापारी को पूरी राशि 30 दिनों के भीतर जमा करनी होगी। यदि भुगतान में देरी होती है, तो 16% वार्षिक ब्याज देना अनिवार्य होगा।
‘एक व्यापारी-एक दुकान’ और किराए पर देने की नई व्यवस्था
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समान अवसर: नए नियम के तहत अब एक व्यक्ति को मंडी में केवल एक ही दुकान या भूखंड आवंटित किया जाएगा, जिससे नए और छोटे व्यापारियों को भी अवसर मिल सके।
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तीन बार असफल ई-नीलामी पर किराया व्यवस्था: यदि कोई दुकान या गोदाम लगातार तीन बार ई-नीलामी के बाद भी नहीं बिकता है, तो उसे कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर पर अधिकतम 3 वर्षों के लिए किराए (Rent) पर दिया जा सकेगा।
इन स्थितियों में रद्द हो जाएगा लाइसेंस
व्यापारिक गतिविधियों को सुचारू रखने के लिए सरकार ने सख्त नियम भी तय किए हैं। निम्नलिखित स्थितियों में लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा:
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लगातार 6 महीने तक फीस जमा न करने पर।
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नियमों का उल्लंघन करने या व्यापारी लाइसेंस निरस्त होने पर।
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लगातार 6 महीने तक कोई व्यावसायिक गतिविधि न करने पर।








