कर्नाटक में ‘बिहार फॉर्मूले’ से होगा सत्ता परिवर्तन- सिद्धारमैया जाएंगे राज्यसभा, डीके शिवकुमार की ताजपोशी का रास्ता साफ?
बेंगलुरु/नई दिल्ली: कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही कांग्रेस सरकार के भीतर सुलग रही ‘ढाई-ढाई साल के सीएम’ फॉर्मूले की आग अब अपने अंजाम तक पहुंचती दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का लंबा इंतजार अब खत्म होने वाला है और राज्य में ‘नेतृत्व परिवर्तन’ की रार का पटाक्षेप होने जा रहा है।
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हालांकि कांग्रेस आलाकमान या मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सार्वजनिक तौर पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन नई दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व के साथ सिद्धारमैया और शिवकुमार की मैराथन बैठक और उसके बाद बेंगलुरु में बढ़ी सियासी हलचल इसी ओर इशारा कर रही है। कर्नाटक में ‘बिहार फॉर्मूले’ से होगा सत्ता परिवर्तन- सिद्धारमैया जाएंगे राज्यसभा, डीके शिवकुमार की ताजपोशी का रास्ता साफ?
चर्चा में है ‘थ्री-वे’ समझौता फॉर्मूला
बेंगलुरु से दिल्ली तक के सियासी गलियारों में जिस फॉर्मूले की सबसे ज्यादा चर्चा है, उसके तहत दोनों गुटों को साधने के लिए एक त्रिस्तरीय (Three-Way) रास्ता निकाला गया है:
- सिद्धारमैया को दिल्ली शिफ्ट करने की तैयारी: मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को राज्यसभा के रास्ते देश की राजधानी दिल्ली की राजनीति में लाया जा सकता है।
- बेटे को कैबिनेट में जगह: सिद्धारमैया को मनाने के लिए उनके बेटे डॉ. यतींद्र सिद्धारमैया को डीके शिवकुमार की नई कैबिनेट में महत्वपूर्ण मंत्री पद दिया जा सकता है।
- संगठन का संतुलन: मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने के बाद डीके शिवकुमार कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (KPCC) का पद छोड़ सकते हैं। उनकी जगह यह कमान सिद्धारमैया के बेहद भरोसेमंद और वरिष्ठ नेता सतीश जारकीहोली को सौंपी जा सकती है।
बिल्कुल बिहार जैसा ‘नितीश-निशांत-सम्राट’ मॉडल
कर्नाटक में कांग्रेस का यह नया गेमप्लान काफी हद तक बिहार की हालिया राजनीतिक घटनाक्रम से मेल खाता है। राजनीतिक विश्लेषक इसे ‘बिहार मॉडल’ कह रहे हैं, जहाँ:
- नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद और विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा देकर राज्यसभा चले गए।
- नीतीश के बेटे निशांत कुमार को नई सरकार की कैबिनेट में मंत्री बनाया गया।
- सत्ता की कमान (मुख्यमंत्री की कुर्सी) सम्राट चौधरी के हाथों में सौंप दी गई।
- ठीक इसी तर्ज पर अब कांग्रेस कर्नाटक में सिद्धारमैया को नीतीश कुमार की तरह राज्यसभा भेजने और उनके बेटे यतींद्र को निशांत की तरह मंत्री बनाकर डीके शिवकुमार को ‘सत्ता का नया सरदार’ बनाने की स्क्रिप्ट लिख चुकी है।कर्नाटक में ‘बिहार फॉर्मूले’ से होगा सत्ता परिवर्तन- सिद्धारमैया जाएंगे राज्यसभा, डीके शिवकुमार की ताजपोशी का रास्ता साफ?
बेंगलुरु में बढ़ी हलचल, कभी भी हो सकता है बड़ा ऐलान
चुनाव जीतने के बाद से ही डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच कुर्सी की लड़ाई की तपिश समय-समय पर दिल्ली तक महसूस की जाती रही है। शिवकुमार ने कभी भी सार्वजनिक रूप से इस फॉर्मूले को खारिज नहीं किया था। अब जबकि ढाई साल का कार्यकाल करीब आ रहा है, आलाकमान सरकार और संगठन में किसी भी बड़े बिखराव को रोकने के लिए इस समझौते को जल्द से जल्द जमीन पर उतारने की तैयारी में है।

