भोपाल/इंदौरMP में बड़ा खुलासा: भूजल दूषित, ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला, NGT ने जांच प्रणाली पर उठाए सवाल। राजधानी भोपाल और इंदौर में पेयजल सुरक्षा को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। भूजल में जानलेवा ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि के बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से विशेषज्ञों की सूची तलब की है। ट्रिब्यूनल ने पेयजल की गुणवत्ता जांच और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
MP में बड़ा खुलासा: भूजल दूषित, ई-कोलाई बैक्टीरिया मिला, NGT ने जांच प्रणाली पर उठाए सवाल
सूत्रों के अनुसार, भोपाल नगर निगम द्वारा पानी की जांच के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों के बजाय अकुशल और अस्थायी कर्मचारियों की तैनाती की जा रही थी। इस पर याचिकाकर्ता ने आपत्ति जताते हुए कहा कि रसायनों और जल गुणवत्ता की जांच केवल योग्य विशेषज्ञों द्वारा ही की जानी चाहिए, क्योंकि गलत रिपोर्ट आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकती है।
दूषित पानी से स्वास्थ्य संकट
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से मौतों के मामले सामने आए थे, जिसके बाद अब भोपाल में भी ई-कोलाई बैक्टीरिया की पुष्टि ने चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों में 5.45 लाख से अधिक लोग दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से प्रभावित हुए हैं। यह आंकड़ा राज्य की पेयजल निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
NGT की सख्ती
राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार से उन विशेषज्ञों की सूची मांगी है जो पेयजल परीक्षण और निगरानी के कार्य में तैनात किए जा सकते हैं। साथ ही, नगर निगम की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा के संकेत भी दिए हैं।

