रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों पर बड़ा प्रहार; ग्वालियर में भिंड से आया 2,200 किलो अमानक मावा जब्त, कीमत ₹7 लाख से अधिक
रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों पर बड़ा प्रहार; ग्वालियर में भिंड से आया 2,200 किलो अमानक मावा जब्त, कीमत ₹7 लाख से अधिक
रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों पर बड़ा प्रहार; ग्वालियर में भिंड से आया 2,200 किलो अमानक मावा जब्त, कीमत ₹7 लाख से अधिक
ग्वालियर: आगामी रक्षाबंधन पर्व के मद्देनजर बाजार में मिलावटी मिठाइयों की बिक्री रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को महाराज बाड़ा स्थित ऐतिहासिक मोर बाजार में टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए भिंड जिले से परिवहन कर लाया गया करीब 2,200 किलोग्राम अमानक मावा पकड़ा है महाराज बाड़ा स्थित मोर बाजार में भिंड से परिवहन कर लाया गया करीब 2,200 किलोग्राम मावा जांच के दौरान पकड़ा गया]।
चलित मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (Mobile Food Testing Lab) से मौके पर की गई प्राथमिक जांच में मावे का मिल्क फैट (Milk Fat) निर्धारित सरकारी मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया चलित मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब से की गई प्राथमिक जांच में मावा का मिल्क फैट निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं मिला।।
टाटा 407 वाहन में मिलीं 55 डलियां, 7 लाख से अधिक की जब्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर टाटा 407 (Tata 407) वाहन को रोककर जांच की, जिसमें मावे की कुल 55 डलियां (बास्केट) लदी हुई पाई गईं:
व्यापारियों का ब्योरा: वाहन चालक से की गई पूछताछ में खुलासा हुआ कि इसमें से:
17 डलियां — विवेक जैन (महावीर मावा भंडार)
18 डलियां — विषम्भर सिंह राजपूत (राजपूत मावा भंडार)
20 डलियां — सुनील राठौर (राठौर मावा भंडार) की हैं।
जब्ती और कार्रवाई: विभाग ने नियमानुसार मौके से 6 अलग-अलग नमूने (सेंपल) सील किए और प्राथमिक जांच में अमानक पाए गए शेष 2,190 किलोग्राम मावे को जब्त कर लिया। जब्त मावे की अनुमानित कीमत ₹7,04,000 (7 लाख 4 हजार रुपये) आंकी गई है।
भोपाल राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे जा रहे सैंपल
खाद्य अधिकारियों के अनुसार, मौके पर ली गई प्राथमिक जांच रिपोर्ट के बाद सील किए गए सभी 6 नमूनों को विस्तृत और अंतिम रासायनिक जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल (State Food Testing Laboratory, Bhopal) भेजा जा रहा है। भोपाल लैब से विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित मावा विक्रेताओं और वाहन मालिक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।