स्कूलों में पढ़ाया जाएगा पैकेज्ड फूड के लेबल का पाठ: FSSAI ने शिक्षा मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव; लाल षट्भुज से मिलेगी चीनी, नमक और वसा की चेतावनी
हेल्थ एवं एजुकेशन डेस्क: देश में बच्चों को पैकेज्ड फूड (डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों) के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। प्राधिकरण ने शिक्षा मंत्रालय के सामने प्रस्ताव रखा है कि स्कूल पाठ्यक्रम में ‘फ्रंट-ऑफ-पैक लेबल’ (FOPNL) को पढ़ने और समझने का पाठ शामिल किया जाए।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक लिखित सबमिशन (Written Submission) में FSSAI ने जानकारी दी है कि नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर नियमों को अब सिंगल फेज में तेजी से लागू करने की योजना बनाई गई है। स्कूलों में पढ़ाया जाएगा पैकेज्ड फूड के लेबल का पाठ: FSSAI ने शिक्षा मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव; लाल षट्भुज से मिलेगी चीनी, नमक और वसा की चेतावनी
पैकेट के सामने दिखेगा ‘लाल षट्भुज’ (Red Hexagon) चेतावनी चिन्ह
प्रस्तावित नए नियमों के तहत अब डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों पर चेतावनी पीछे न होकर पैकेट के सामने दी जाएगी:
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रेड हेक्सागन चेतावनी: यदि किसी पैकेज्ड फूड में चीनी (Sugar), नमक (Salt) या वसा/फैट (Fat) की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक होगी, तो पैकेट के सामने प्रमुखता से लाल षट्भुज (Red Hexagon) के भीतर चेतावनी प्रदर्शित की जाएगी।
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बड़ा फॉन्ट साइज: चेतावनी और पोषण संबंधी विवरण का फॉन्ट साइज पैकेट के पीछे लिखे जाने वाले टेक्स्ट से कम से कम 1 प्वाइंट बड़ा रखने का प्रस्ताव है।
मीठे व कैफीनयुक्त पेय (Soft Drinks & Energy Drinks) पर विशेष नियम
FSSAI ने कार्बोनेटेड, कैफीनयुक्त और मीठे पेय पदार्थों के लिए विशेष प्रावधान तैयार किए हैं:
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नॉन-कैलोरी स्वीटनर की चेतावनी: अब तक पैकेट के पीछे लिखी जाने वाली ‘नॉन-कैलोरी स्वीटनर’ की जानकारी को अब सीधे पैकेट के सामने बोल्ड चेतावनी के रूप में दिखाना होगा।
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सेवन को हतोत्साहित करने का लक्ष्य: प्राधिकरण ने उदाहरण देते हुए बताया कि 250 मिलीलीटर के एक कैफीनयुक्त पेय में लगभग 25 ग्राम चीनी होती है, जो किसी वयस्क की एक दिन की कुल अतिरिक्त चीनी की सीमा को पूरा कर देती है। ऐसे दो कैन लेने पर यह मात्रा 50 ग्राम पहुँच जाती है, जिसके खतरों के प्रति ग्राहकों को जागरूक किया जाएगा।
नियम लागू होने की समयसीमा (Timeline)
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4 महीने में पूरी होगी प्रक्रिया: मसौदा नियम तैयार करने, मंत्रालय और WTO से मंजूरी तथा कानून मंत्रालय से परीक्षण कराने में लगभग 4 महीने का समय लगेगा।
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निर्माताओं को 365 दिन का समय: नए लेबलिंग प्रावधानों को 1 जुलाई से प्रभावी करने की योजना है, जिसके बाद खाद्य निर्माताओं को अपने पैकेजिंग में बदलाव करने के लिए पूरे 1 साल (365 दिन) का समय दिया जाएगा।
अदालत की सख्ती के बाद FSSAI द्वारा उठाए गए इस कदम से न केवल बच्चों में डिब्बा बंद खाने के प्रति जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि कंपनियों को भी स्वास्थ्य मानकों का सख्ती से पालन करना होगा।
