AYODHYA: ‘हिडन कैमरे’ ने खोला राम मंदिर के ‘विभीषणों’ का राज, 3 साल का ‘लूट कांड’ ऐसे हुआ बेनकाब
अयोध्या के राम मंदिर में रामलला के चढ़ावे और गहनों पर डाका डालने वाले 8 चोर गिरफ्तार हो चुके हैं। इनमें ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का पूर्व ड्राइवर टिन्नू यादव भी शामिल है। यह खेल पिछले 3 साल से चल रहा था, जिसका पर्दाफाश UP सरकार की SIT (विशेष जांच दल) ने किया है।
द मास्टरमाइंड्स: सिफारिश पर एंट्री और करोड़ों की ‘सेंधमारी’
-
सिफारिश का खेल: नोट गिनने वाले इस सीक्रेट रूम में सबकी एंट्री बड़े रसूखदारों की सिफारिश पर हुई थी। चंपत राय के पूर्व ड्राइवर टिन्नू यादव ने अपने चचेरे भाई मनीष को और अनुकल्प मिश्रा ने अपने बहनोई लवकुश को इस काम में फिट कराया था।
-
चेकिंग का लूपहोल: ड्यूटी खत्म होने के बाद इन वीआईपी कर्मचारियों की जामा तलाशी (Frisking) नहीं होती थी। बस, इसी भरोसे का इन्होंने फायदा उठाया।
द डिटेक्टिव ट्विस्ट: हिडन कैमरों से ‘लाइक-शेयर-सस्पेंस’
मई के आखिरी हफ्ते में 500 रुपये की गड्डियों में कमी दिखी, तो ट्रस्ट ने नोट गिनने वाले रूम में गुपचुप ‘हिडन कैमरे’ लगवा दिए। जब फुटेज देखी गई, तो सबके होश उड़ गए:
- प्लान A (बाथरूम सीक्रेट): ये शातिर कर्मचारी जानबूझकर मुख्य सीसीटीवी कैमरे के सामने खड़े हो जाते थे। पीछे से दूसरा साथी नोटों की गड्डियां कपड़ों में छिपाता, फिर उन्हें बाथरूम में डंप कर देता था। बाद में मौका पाकर इसे बाहर एक सुरक्षित मकान में ले जाकर बांट लिया जाता था।
- प्लान B (बैंक वाउचर हैक): आरोपी अनुकल्प मिश्रा बैंक वाउचर बनाता था। ये लोग नोटों की हर गड्डी में कुछ एक्स्ट्रा नोट डाल देते। बैंक वाले बिना गिने सीधे गड्डियों का वाउचर पास कर देते। लेकिन जब कैश बैंक ले जाया जाता, तो रास्ते में वो एक्स्ट्रा नोट गायब कर दिए जाते। कागजों पर मिलान एकदम ‘परफेक्ट’ रहता
हद हो गई: रामलला के कंगन और पैजनिया भी साफ
ये सिर्फ कैश नहीं उड़ाते थे, बल्कि भक्तों द्वारा प्रभु राम के बाल रूप के लिए चढ़ाए गए कंगन, पैजनिया, सोने की नथ, झुमकी और बाली भी अपनी जेबों में भर लेते थे। चोरी से ठीक पहले ये लोग सरकारी रिकॉर्ड बुक (लिखा-पढ़ी) में हेरफेर कर देते थे। पुलिस ने आरोपी लवकुश के घर से ₹10 लाख कैश भी रिकवर किया है। AYODHYA: ‘हिडन कैमरे’ ने खोला राम मंदिर के ‘विभीषणों’ का राज, 3 साल का ‘लूट कांड’ ऐसे हुआ बेनकाब
ओरछा में सजेगा भाजपा का ‘चुनावी चक्रव्यूह’: नवगठित प्रदेश कार्यसमिति की पहली बैठक जुलाई के मध्य में; हेमंत खंडेलवाल की नई टीम को मिलेंगी बड़ी जिम्मेदारियां
‘द एंड’: अब सलाखों के पीछे
-
एक्शन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर SIT की रिपोर्ट आते ही FIR दर्ज हुई। मुख्य आरोपी टिन्नू यादव जेल जा चुका है, बाकी 7 की कोर्ट में पेशी की तैयारी है।
-
बॉस का बयान: CM योगी ने साफ कह दिया है—“राम भक्तों की आस्था से खिलवाड़ मंजूर नहीं, कोई भी हो… बख्शा नहीं जाएगा
