इंसानियत मर गई, रस्में जीत गईं: बेटों ने की थी अंतरजातीय शादी, तो गांव ने शव को कंधा तक न दिया; साइकिल पर बंधकर गई पिता की अंतिम यात्रा
इंसानियत मर गई, रस्में जीत गईं: बेटों ने की थी अंतरजातीय शादी, तो गांव ने शव को कंधा तक न दिया; साइकिल पर बंधकर गई पिता की अंतिम यात्रा
इंसानियत मर गई, रस्में जीत गईं: बेटों ने की थी अंतरजातीय शादी, तो गांव ने शव को कंधा तक न दिया; साइकिल पर बंधकर गई पिता की अंतिम यात्रा
इंसानियत मर गई, रस्में जीत गईं: बेटों ने की थी अंतरजातीय शादी, तो गांव ने शव को कंधा तक न दिया; साइकिल पर बंधकर गई पिता की अंतिम यात्रा
बरगढ़ (ओडिशा): आधुनिक समाज और विकास के दावों के बीच ओडिशा के बरगढ़ जिले से एक ऐसी झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसने मानवता और सामाजिक सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ पाईकमल ब्लॉक के कंटापड़ा गांव में एक बेटे को अपने मृत पिता के शव को साइकिल पर रस्सी से बांधकर श्मशान घाट ले जाना पड़ा, क्योंकि सामाजिक बहिष्कार के डर से गांव का कोई भी व्यक्ति अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हुआ।
अंतरजातीय विवाह के कारण पूरे परिवार का था ‘हुक्का-पानी’ बंद
जानकारी के मुताबिक, गांव के एक बुजुर्ग लंबे समय से बीमार चल रहे थे, जिनका हाल ही में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग के बेटों ने अपनी मर्जी से अंतरजातीय (Inter-caste) विवाह किया था। इस बात से नाराज होकर रूढ़िवादी ग्रामीणों ने पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार (Social Boycott) कर रखा था।
बुजुर्ग की मौत के बाद असहाय परिजनों ने ग्रामीणों से शव को कंधा देने और अंतिम संस्कार में मदद की गुहार लगाई, लेकिन सामाजिक पाबंदियों के आगे घुटने टेक चुके ग्रामीणों में से कोई भी आगे नहीं आया।इंसानियत मर गई, रस्में जीत गईं: बेटों ने की थी अंतरजातीय शादी, तो गांव ने शव को कंधा तक न दिया; साइकिल पर बंधकर गई पिता की अंतिम यात्रा
एम्बुलेंस नहीं मिली, तो मजबूरी में साइकिल बनी ‘शव वाहन’
सामाजिक बेरुखी के बाद बेटों ने सरकारी या निजी शव वाहन (एम्बुलेंस) की व्यवस्था करने की कोशिश की। लेकिन सुदूर ग्रामीण इलाका होने और परिवार की बेहद खराब आर्थिक स्थिति के कारण समय पर कोई गाड़ी उपलब्ध नहीं हो सकी।
आखिरकार, लाचार बेटे ने पिता के शव को एक साइकिल के करियर पर रस्सी के सहारे बांधा और खुद पैदल चलते हुए उसे श्मशान घाट तक ले गया।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
इस मार्मिक और विचलित कर देने वाली घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। इंटरनेट यूजर्स इस घटना को लेकर सामाजिक कुरुतियों और ग्रामीण इलाकों में बुनियादी स्वास्थ्य व शव वाहन जैसी सुविधाओं के अभाव पर तीखे सवाल उठा रहे हैं।