NCERT का बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया पर वायरल ‘आपातकाल अध्याय’ वाली कक्षा 9 की किताब नकली; कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

NCERT का बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया पर वायरल 'आपातकाल अध्याय' वाली कक्षा 9 की किताब नकली; कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

NCERT का बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया पर वायरल ‘आपातकाल अध्याय’ वाली कक्षा 9 की किताब नकली; कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में ‘आपातकाल (Emergency)’ अध्याय को लेकर चल रहे विवाद पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। एनसीईआरटी ने साफ किया है कि सोशल मीडिया और विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कक्षा 9वीं की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक का एक नकली और पायरेटेड संस्करण (Fake Version) प्रसारित किया जा रहा है।

NCERT ने एक्स (X) पर जारी किया बयान; कही ये बड़ी बातें

एनसीईआरटी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बयान जारी कर छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को सचेत किया है: NCERT का बड़ा खुलासा: सोशल मीडिया पर वायरल ‘आपातकाल अध्याय’ वाली कक्षा 9 की किताब नकली; कानूनी कार्रवाई की चेतावनी

क्या है ‘आपातकाल अध्याय’ का पूरा विवाद?

इंटरनेट पर प्रसारित हो रही इस कथित किताब के “Emergency Chapter” को लेकर राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में बहस छिड़ी हुई है। वायरल सामग्री के अनुसार, इस अध्याय में लिखा गया है:

“भारत में लोकतंत्र के सामने आई प्रमुख चुनौतियों में से एक 1975-77 में आपातकाल लागू होने के दौरान दर्ज की गई थी। 1970 के दशक की शुरुआत में इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली सरकार के प्रति जनता का असंतोष बढ़ रहा था। जून 1975 में सरकार ने आंतरिक अशांति के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल लागू किया, जिसके दौरान मौलिक अधिकार निलंबित किए गए और प्रेस पर सेंसरशिप लगाई गई।”

अब एनसीईआरटी के स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि ऑनलाइन घूम रहा यह संस्करण अनधिकृत है।

दूसरी ओर, कर्नाटक के शिक्षा समूह ने लगाया ‘भगवाकरण’ का आरोप

इसी बीच, एनसीईआरटी एक अन्य मोर्चे पर भी विवादों में घिर गई है। कर्नाटक के एक शिक्षा अधिकार संगठन ‘पीएएफआरई’ (PAFRE – पीपल्स एलायंस फॉर राइट टू एजुकेशन) ने एनसीईआरटी पर पाठ्यक्रम का ‘भगवाकरण’ करने का गंभीर आरोप लगाया है।

एनसीईआरटी की किताबों को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में उपजे इन दोनों विवादों ने इस वक्त शैक्षणिक और राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।

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