छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: मोहर्रम जुलूसों में DJ और धुमाल पर प्रतिबंध वाले वक्फ बोर्ड के आदेश पर लगाई रोक

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: मोहर्रम जुलूसों में DJ और धुमाल पर प्रतिबंध वाले वक्फ बोर्ड के आदेश पर लगाई रोक

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: मोहर्रम जुलूसों में DJ और धुमाल पर प्रतिबंध वाले वक्फ बोर्ड के आदेश पर लगाई रोक

 बिलासपुर: छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (High Court) ने मोहर्रम के अवसर पर निकलने वाले पारंपरिक मजहबी जुलूसों और ताजिया कार्यक्रमों को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने जुलूसों में डीजे (DJ), ब्रास बैंड, धुमाल और आतिशबाजी के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाले वक्फ बोर्ड के हालिया नोटिस पर अंतरिम रोक (Interim Stay) लगा दी है।

‘सूफी इस्लामिक बोर्ड’ द्वारा दायर रिट याचिका पर त्वरित सुनवाई करते हुए जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ (Single Bench) ने छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा जारी किए गए इस विवादित आदेश के क्रियान्वयन को आगामी सुनवाई तक के लिए स्थगित कर दिया है।

 “ऐन वक्त पर प्रतिबंध से बिगड़ सकती है कानून-व्यवस्था” – हाई कोर्ट

माननीय अदालत ने याचिका पर विचार करते हुए समय की संवेदनशीलता को रेखांकित किया:

 क्या था विवादित आदेश?

यह पूरा मामला छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा आगामी मोहर्रम पर्व को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए एक प्रतिबंधात्मक दिशा-निर्देश से शुरू हुआ था। वक्फ बोर्ड ने अपने आदेश में मोहर्रम के दौरान पारंपरिक धुमाल, आतिशबाजी और डीजे बजाने पर पूरी तरह रोक लगाने की बात कही थी, जिसके खिलाफ सूफी इस्लामिक बोर्ड ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।

हाई कोर्ट की इस अंतरिम रोक के बाद अब पारंपरिक तौर-तरीकों और तय नियमों के अनुसार मोहर्रम के जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से निकाले जा सकेंगे। मामले की अगली सुनवाई तक वक्फ बोर्ड का यह आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।

Exit mobile version