सिविक सेंस का मजाक या नई सोच? मुंबई मेट्रो में लगे ‘टचलेस स्पिट बिन’ (Ezyspit) पर छिड़ा बवाल, लोग बोले- “यह गंदगी को बढ़ावा है”

सिविक सेंस का मजाक या नई सोच? मुंबई मेट्रो में लगे ‘टचलेस स्पिट बिन’ (Ezyspit) पर छिड़ा बवाल, लोग बोले- “यह गंदगी को बढ़ावा है”

मुंबई: मुंबई मेट्रो हमेशा से अपनी सफाई और कड़े नियमों के लिए जानी जाती रही है. लेकिन, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही मेट्रो स्टेशन की एक ताजा तस्वीर ने एक नई बहस छेड़ दी है. तस्वीर में मेट्रो स्टेशन के परिसर में एक आधुनिक ‘थूकदान’ (Spit Bin) लगा हुआ दिखाई दे रहा है. इसे लेकर मुंबईकर्स हैरान हैं और इसे ‘सिविक सेंस’ (नागरिक समझ) का मजाक बता रहे हैं.

एक्टिविस्ट के ट्वीट से शुरू हुई बहस

यह तस्वीर ज़ोरू भाथेना नाम के एक सोशल मीडिया एक्टिविस्ट ने X (पहले ट्विटर) पर शेयर की थी. तस्वीर के सामने आते ही नेटिजन्स, खासकर मुंबई के लोगों ने अपनी नाराजगी जतानी शुरू कर दी. लोग इस बात को लेकर सबसे ज्यादा हैरान हैं कि मेट्रो में थूकना पूरी तरह मना है, फिर प्रशासन ने ही थूकदान क्यों लगाया है?

‘टचलेस स्पिट बिन’ (Ezyspit) की खासियत और विवाद

बताया जा रहा है कि यह खास थूकदान ‘ईजीस्पिट’ (Ezyspit) नाम की कंपनी ने तैयार किया है. यह एक आधुनिक और ‘टचलेस’ मशीन है, जो सेंसर की मदद से बिना हाथ लगाए खुलती है. कंपनी का दावा है कि यह मशीन थूक को 10 सेकंड में वायरस-मुक्त कर देती है.

विवाद की मुख्य वजह डिब्बे पर लिखा संदेश और मेट्रो का लोगो है. डिब्बे पर लिखा है ‘जिम्मेदार बनें’, जिसको लेकर लोग गुस्सा जता रहे हैं. लोगों का कहना है कि प्रशासन थूकने की गंदी आदत को बढ़ावा दे रहा है.

सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा: प्रमुख रिएक्शन

मेट्रो परिसर में थूकदान देखकर लोग कन्फ्यूज और नाराज हैं. सोशल मीडिया पर लोगों के तीखे रिएक्शन आ रहे हैं:

फिलहाल, मुंबई मेट्रो प्रशासन की तरफ से इस थूकदान को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर यह चर्चा का गर्म विषय बना हुआ है.

↑
Exit mobile version