4-day-old newborn girl murdered in hospital अस्पताल में 4 दिन की नवजात बालिका की हत्या! आरोप पिता पर
मुरैना । 4-day-old newborn girl murdered in hospital अस्पताल में 4 दिन की नवजात बालिका की हत्या हो गई। जिला अस्पताल मुरैना के एसएनसीयू में भर्ती नवजात बालिका को दूध पिलाने के लिए अस्पताल स्टाफ ने उसके माता-पिता को सौंपा, लेकिन पिता ने 4 दिन की बालिका की गला दबाकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने फिलहाल मर्ग का मामला दर्ज किया है। माता पिता के साथ-साथ जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड का स्टाफ भी पुलिस के संदेह के दायरे में है।
सबलगढ़ तहसील के टेंटरा गांव निवासी अंजू पत्नी शैलेंद्र रावत ने 5 दिन पहले बालिका को जन्म दिया था। जन्म के बाद ही बेहद कमजोर और बीमार बालिका को जिला अस्पताल मुरैना के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करवाया गया था।
बुधवार की दोपहर 12:30 बजे के करीब एसएनसीयू स्टाफ ने नवजात बालिका को मां का दूध पिलाने के लिए शैलेंद्र रावत और अंजू रावत को सौंप दिया। करीब आधा घंटे बाद भी जब माता-पिता वापस बालिका को लेकर एसएनसीयू में नहीं पहुंचे तो कॉल सेंटर से नवजात के पिता शैलेंद्र रावत को फोन लगाया गया।
तब शैलेंद्र ने बताया कि बालिका की तो मौत हो चुकी है। इसके बाद जब नवजात बालिका को वापस अस्पताल में लाया गया तब उसके मुंह और नाक से खून निकल रहा था। एसएनसीयू के डॉक्टर अंशुल तोमर का आराेप है कि पिता ने ही बालिका की गला दबाकर हत्या की है लेकिन, पुलिस फिलहाल हत्या जैसी कोई बात जांच हाेने तक मान्य नहीं कर रही है। फिलहाल कोतवाली पुलिस ने मर्ग का मामला दर्ज किया है।
एसएनसीयू स्टाफ भी सवालों के घेरे में
बालिका के माता-पिता ही नहीं जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड का स्टाफ भी सवालों के घेरे में है। जब बालिका को गंभीर हालत में एसएनसीयू में भर्ती किया गया था और वह ऑक्सीजन पर थी तो उसे फीडिंग के लिए एसएनसीयू से बाहर निकालकर माता-पिता को क्यों सौंपा गया? जबकि, एसएनसीयू वार्ड के अंदर ही एक कमरा रहता है जिसमें,बीमार नवजात बच्चों को उनकी मां दूध पिलाती है। इस मामले में बीमार नवजात को उक्त फीडिंग रूम में न ले जाते हुए उसे वार्ड के बाहर ही भेज दिया। अगर नवजात की हत्या हुई है तो इस मामले में पुलिस अस्पताल प्रबंधन की भी लापरवाही मान रही है।
एसएनसीयू में भर्ती नवजात बालिका की संदिग्ध हालत में मौत हुई है। अब तक हुई जांच में हत्या की पुष्टि नहीं हुई इसलिए, फिलहाल मर्ग का मामला दर्ज किया है। अगर बालिका की हत्या हुई है तो इस मामले में जिला अस्पताल का एसएनसीयू स्टाफ की भी लापरवाही है। उन्होंने नवजात को वार्ड से बाहर फीडिंग के लिए दिया ही क्यों? अभी मामले की जांच चल रही है।