जनगणना में बाधा डालने पर 1,000 रुपये जुर्माना और तीन वर्ष की जेल

भोपाल(YASH BHARAT.COM)। राज्य सरकार ने आगामी जनगणना को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना कार्य में सहयोग न करने अथवा किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना एवं तीन वर्ष तक की जेल का प्रावधान लागू किया गया है।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण वर्ष 2026 में अप्रैल से सितंबर के बीच होगा, जिसमें मकानों की गणना की जाएगी। दूसरा चरण जनवरी–फरवरी 2027 में संपन्न होगा, जिसमें डिजिटल माध्यम से जनसंख्या की गणना की जाएगी।
केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप राज्य सरकार ने जनगणना के लिए विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। क्षेत्रीय अधिकारिता के अनुसार संभागीय आयुक्त को संभागीय जनगणना अधिकारी, कलेक्टर को प्रमुख जनगणना अधिकारी, कलेक्टर द्वारा अधिकृत अपर/संयुक्त/डिप्टी कलेक्टर को जिला जनगणना अधिकारी, जबकि नगर निगम आयुक्त को नगर जनगणना अधिकारी नियुक्त किया गया है।
राज्य सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग करें, ताकि जनसंख्या से संबंधित सटीक आंकड़े समय पर उपलब्ध कराए जा सकें।

Exit mobile version