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राजस्थान के मारवाड़ मूंडवा के वेंकटेश मंदिर में कटनी निवासी मंदिर के पूर्व पुजारी ने अपने साथी के साथ मिलकर चुराई थी 50-लाख की चांदी, राजस्थान की नागौर पुलिस ने दोनों को किया गिरफ्तार, लग्जरी लाइफ और कार खरीदने के लिए की थी वारदात

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कटनी(YASHBHARAT.COM)। राजस्थान की नागौर पुलिस ने मारवाड़ मूंडवा के वेंकटेश मंदिर में हुई 20 किलो चांदी की चोरी के मामले में कटनी निवासी दो युवकों को गिरफ्तार किया है। जिसमें से एक मंदिर का पूर्व पुजारी है, जिसने लग्जरी लाइफस्टाइल के लिए अपने साथी के साथ वारदात को अंजाम दिया था। वारदात 16 फरवरी की रात हुई थी। 49ba197b 7b73 44de a7c1 fac7b15788f21772724907244 1772727454आरोपियों को गिरफ्तार कर लाने के बाद मंदिर प्रशासन और ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों का माला पहनाकर सम्मान किया।

70 मिनट में वारदात को दिया था अंजाम

नागौर एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया इस मामले में मध्यप्रदेश के कटनी निवासी मंदिर के पूर्व पुजारी हर्षकुमार द्विवेदी (37) और उसके पड़ोसी राहुल रजक (19) को गिरफ्तार किया गया है। हर्षकुमार को दिसंबर 2025 में 15 दिन के लिए मंदिर का पुजारी बनाया गया था।लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया।पुजारी पद से हटाए जाने से हर्षकुमार नाराज था। उसने अपने पड़ोसी राहुल को मंदिर में रखी चांदी के बारे में बताया। दोनों ने लग्जरी लाइफ और गाड़ी खरीदने के लिए वारदात की योजना बनाई। दोनों आरोपी 16 फरवरी को ट्रेन से मारवाड़ मूंडवा पहुंचे। इसी दिन दोनों ने 70 मिनट में वारदात को अंजाम दिया।

7 राज्यों में 9 हजार किलोमीटर का सफर करने के बाद पुलिस को मिली सफलता

आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 7 राज्यों में 9 हजार किलोमीटर तक आरोपियों को पीछा किया। पुलिस ने करीब 1500 सीसीटीवी खंगाले। 50 बस स्टैंड, 13 रेलवे स्टेशन, तीन एयरपोर्ट पर चोरों की तलाश की गई।

पिकअप ट्रेस होने से पकड़ में आए चोर

जिस रास्ते से चोर मंदिर में चोरी के लिए आए थे। उस गली के सीसीटीवी की जांच की गई। इस दौरान एक पिकअप ट्रेस हुई। आरोपी पिकअप में बैठकर कुचेरा तक गए। पिकअप की तलाश कर ड्राइवर से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि 400 रुपए के किराए के लालच में उसने आरोपियों को कुचेरा छोड़ा था।।यहां से चोर बस से अजमेर चले गए। इधर, मूंडवा थानाधिकारी ने मंदिर में पुजारी रह चुके पुराने पुजारियों की मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल ट्रेस करवाई थी, उनमें से एक लोकेशन हर्ष द्विवेदी की आ गई, जिससे पुलिस को पूरा शक हो गया। पुलिस जब आरोपी को ट्रेस करते-करते कटनी पहुंची, तब तक वह निकल चुका था, लेकिन उसका साथी कटनी में ही था। पुलिस ने भेष बदलकर सर्वेयर बनकर इनके घरों में पूछताछ की। पुलिस ने राहुल रजक को उसके घर पर पहचान लिया। लेकिन मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए उसे अंदेशा नहीं होने दिया।

कटनी पुलिस पहले से कर रही थी तलाश

हर्ष पर कटनी थाने में मारपीट का मामला पहले से दर्ज था। कटनी पुलिस उसकी पहले से तलाश कर रही थी। वारदात के बाद हर्ष वापस कटनी पहुंचा। हर्ष अपना मोबाइल अपने जीजा को और सिम दूसरी बहन को देकर वहां से निकल गया। पुलिस ने परिवार और रिश्तेदारों के फोन ट्रेस करना शुरू किया। और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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