जबलपुर: मेडिकल कॉलेज में आज नर्सिंग स्टाफ का 2 घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार, मांगें न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
जबलपुर: मेडिकल कॉलेज में आज नर्सिंग स्टाफ का 2 घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार, मांगें न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
जबलपुर: मरीजों की स्वास्थ्य सेवा में चौबीसों घंटे तैनात रहने वाली नर्सिंग ऑफिसर्स अपनी लंबित मांगों के समर्थन में आज मंगलवार को विरोध की राह पर हैं। मेडिकल एंड हेल्थ नर्सिंग एसोसिएशन, मप्र के आह्वान पर जबलपुर स्थित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज की नर्सिंग ऑफिसर्स काली पट्टी बांधकर दो घंटे का शांतिपूर्ण प्रदर्शन और सांकेतिक कार्य बहिष्कार करेंगी।
सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक धरना
डीन कार्यालय के सामने प्रदर्शन: एसोसिएशन के अनुसार, नर्सिंग ऑफिसर्स सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक डीन कार्यालय के समक्ष एकत्रित होकर काली पट्टी बांधकर बैठेंगी
600+ नर्सिंग ऑफिसर्स होंगी शामिल: इस दो घंटे के सांकेतिक कार्य बहिष्कार में 600 से अधिक नर्सिंग स्टाफ सदस्यों के हिस्सा लेने की उम्मीद है 600 से अधिक नर्सिंग आफिसर्स होंंगी शामिल, इस दौरान सांकेतिक रूप से कार्य बहिष्कार भी किया जाएगा। प्रदर्शन में 600 से अधिक नर्सिंग आफिसर्स के शामिल होने की संभावना है।।
प्रशासन से लंबे समय से पत्राचार: संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि शासन और प्रशासन स्तर पर कई बार अपनी समस्याएं रखी जा चुकी हैं, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी है कई बार पत्राचार के बावजूद ई ठोस निर्णय नहीं, एसोसिएशन का कहना है कि शासन स्तर पर कई बार पत्राचार और मांगों के निराकरण की मांग उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।।
नर्सिंग स्टाफ की मुख्य मांगें
रिक्त पदों पर भर्ती: नर्सिंग ऑफिसर्स के खाली पड़े पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाए।
लंबित एरियर व कोड जारी होना: वर्ष 2011 में भर्ती नर्सिंग ऑफिसर्स को समयमान वेतनमान के एरियर का भुगतान किया जाए और लंबित एम्प्लॉई कोड तुरंत जारी हों।
सातवें वेतनमान और समयमान का लाभ: चिकित्सा शिक्षकों की तर्ज पर सातवें वेतनमान का पूर्ण लाभ तथा 3 से 4 समयमान वेतनमान की सुविधा दी जाए।
एक महीने का अल्टीमेटम: अनिश्चितकालीन कामबंदी की चेतावनी
एसोसिएशन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 1 माह के भीतर उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो अगले महीने से पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल कर पूर्ण कामबंदी की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी