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हर स्टेशन औऱ ट्रेन में CCTV के साथ मिलेगा लाइव फुटेज

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नई दिल्ली। रेल मंत्रालय देश के सभी स्टेशनों और सभी ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और लोको पायलट व गार्ड के अलावा जीआरपी व आरपीएफ को लाइव फुटेज उपलब्ध कराने की प्रणाली विकसित कर कर रहा है।

 

रेलमंत्री पीयूष गोयल ने इस बात की जानकारी दी। रेलवे के कायाकल्प के लिए नए विचारों को प्रोत्साहन देने के मकसद से लगभग 250 आला अफसरों के साथ आयोजित द्वितीय रेलवे शिविर ‘संपर्क, समन्वय एवं संवाद’ के दौरान संवाददाताओं से मुखातिब हुए गोयल ने कहा, ‘अभी निर्भया फंड की मदद से कुछ सीसीटीवी लगाए गए हैं, लेकिन हमारी योजना इसे नवीन और व्यापक रूप देने की है।

 

इसके तहत स्टेशनों और ट्रेनों में लगे सभी सीसीटीवी की लाइव फुटेज लोको पायलट और गार्ड के अलावा पुलिस थानों तक पहुंचाई जाएगी। एक टीम इस दिशा में काम कर रही है। पूरी योजना तैयार होने पर उसे मंजूरी के लिए कैबिनेट में पेश किया जाएगा।’

कम भी होगा फ्लेक्सीफेयर

गोयल ने कहा कि डायनामिक प्राइसिंग के तहत फ्लेक्सीफेयर किरायों को दो-तरफा प्रभावी बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके तहत यदि ज्यादा मांग होने पर किराये बढ़ेंगे तो कम मांग होने पर उनमें छूट भी मिलेगी। हवाई किरायों में यह नीति पहले से लागू है। अब इसे रेलवे में भी अपनाया जाएगा।

 

राजधानी के दो फेरे

दिल्ली व मुंबई के बीच 24 घंटे में राजधानी के दो फेरों के प्रस्ताव के बारे में गोयल का कहना था यह उनका सपना है। यह तभी संभव है जब ट्रेन 11 घंटे में पहुंच जाए। अभी जो नई राजधानी चलाई गई है वो 13 घंटे लेती है। वैसे इस राजधानी को दिल्ली से शाम पांच बजे छोड़ने और मुंबई छह बजे पहुंचाने पर विचार किया जा रहा है।

खरीद में पारदर्शिता

गोयल ने बताया कि रेलवे की समस्त सामग्रियों की खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके लिए आरडीएसओ की वेबसाइट पर 600 आइटम डाल दिए गए हैं। इसके जरिये कोई भी वेंडर साल के 365 दिन अपने प्रस्ताव दे सकता है। यदि उसका प्रस्ताव अस्वीकार किया जाता है तो उसकी वजह बताई जाएगी।

रेल में भ्रष्टाचार सहन नहीं

भ्रष्टाचार पर गोयल ने कहा भ्रष्टाचार के विरुद्ध मोदी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति सर्वविदित है। तदनुसार रेलवे में भी भ्रष्टाचार को कतई सहन नहीं किया जाएगा। भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब तक 350 स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरे

अब तक लगभग 350 स्टेशनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनमें 102 वे बड़े स्टेशन शामिल हैं जहां मुंबई आतंकी हमले के बाद एकीकृत सुरक्षा प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया था।

जबकि बाकी वे स्टेशन हैं जहां दिसंबर, 2012 में दिल्ली में घटित निर्भया कांड के मद्देनजर महिलाओं की सुरक्षा के लिए मोदी सरकार द्वारा 2016-17 के बजट में घोषित ‘निर्भया फंड’ का इस्तेमाल किया गया है।

एक हजार करोड़ रुपये के इस फंड में से वित्त मंत्रालय ने अकेले रेलवे को 500 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की है। उक्त रेलवे स्टेशनों के अलावा रेलवे ने 983 और स्टेशनों की पहचान सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए की है।

जहां 19 हजार से ज्यादा हाई डेफिनीशन (एचडी) सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। क्योंकि शुरू में लगाए गए सामान्य सीसीटीवी कैमरों को अपराधियों की सटीक पहचान में बहुत कारगर नहीं पाया गया।

इनमें भी निर्भया फंड का इस्तेमाल किया जाएगा। एक स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगाने में लगभग 50 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है।

स्टेशनों के अलावा अभी तक केवल शान-ए-पंजाब, हमसफर और तेजस जैसी चुनिंदा प्रीमियम ट्रेनों और मुंबई की कुछ लोकल ट्रेनों के महिला कंपार्टमेंट में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

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