राशन के लिए वनवासी संत की हत्या कर शव को आधा किमी दूर दफन कर दिया

सिहोरा/जबलपुर। जंगल के बीच मे बने मन्दिर में रह रहे 85 वर्षीय संत की हत्या करके उनके शव को मन्दिर से करीब 5 सौ मीटर की दूरी पर गड़ा दिया जबकि मन्दिर से ठीक पहले जूते झाडियों में पड़े हैं साथ ही उनकी छड़ी (घुटानी) मन्दिर के सामने झाडियों में पड़ी है और मास्क भी शव को ठिकाने लगाने के लिए ले जाने वाले रास्ते मे पड़ा हुआ था। मन्दिर से राशन और मोबाइल ग़ायब मिला। माना जा रहा है कि लॉकडाउन के कारण कुछ लोग जंगल के रास्ते निकले होंगे, भूख लगने पर राशन लूटने के दौरान वनवासी संत की हत्या कर दी और शव को जंगल में दफन करके फरार हो गए।
मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल की जांच कर एफएसएल की टीम ने भी सभी सूक्ष्म बिंदुओं पर जांच की। वहीं परिजनों ने बताया कि 30 अप्रैल से मोबाइल भी बंद बता रहा था जिसके बाद संत जी के भाइयों ने खितौला थाने में मृत संत की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। खितौला थाना के अंतर्गत सरदा के जंगल मे घुघरा मेन रोड से करीब 3 किमी दूर स्थित चोपड़ा धाम मन्दिर के वनवासी संत भैया लाल महाराज करीब 85 वर्षीय की हत्या कर जंगल मे करीब आधा किमी दूर शव को गड्ढा करके मिट्टी में गड़ाया दिया था।
जानकारी के बाद पहुंची पुलिस और एफएसएल की टीम ने साक्ष्य जुटा कर जांच शुरू की। जबकि घटना स्थल के रास्ते पर कुछ जगहों पर खून गिरने के धब्बे मिले लेकिन काफी दिन हो जाने के बाद अभी स्पष्ट नही है। जिस जगह पर संत के शव को गड़ाया गया है वहीं पास में ही खून के निशान लगे पत्ते और झाड़ियां मिली हैं जिस जगह गड़ाया गया वहां से बीस फीट की दूरी पर पीले रंग का रस्सा भी पड़ा मिला। यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि संत की हत्या करने के बाद साक्ष्य खत्म करने के लिए हत्या करके शव को दफनाया गया है। मौके सिहोरा एसडीओपी भावना मरावी , खितौला टीआई, तहसीलदार समेत सभी आला अधिकारी मौके पर पहुंचे।
ये समान बिखरा मिला
मन्दिर से ठीक पहले जूते झाडियों में पड़े हैं साथ ही उनकी छड़ी (घुटानी) मन्दिर के सामने झाडियों में पड़ी है और मास्क भी शव को ठिकाने लगाने के लिए ले जाने वाले रास्ते में पड़ा हुआ था। जबकि मन्दिर से राशन और मोबाइल ग़ायब मिला। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना स्थल की जांच कर एफएसएल की टीम ने भी सभी सूक्ष्म बिंदुओं पर जांच की। वहीं परिजनों ने बताया कि 30 अप्रेल से मोबाइल भी बंद बता रहा था।








