बारात ले जा रही बस सर्विस में ‘धोखाधड़ी’, आधी रात बीच सड़क फंसे रहे बाराती; अब ब्याज सहित पैसे लौटाएगी ट्रेवल्स कंपनी
विवाह जैसे संवेदनशील और समयबद्ध आयोजनों में लापरवाही बरतने वाली बस सर्विस कंपनियों के लिए दिल्ली कंज्यूमर कमीशन ने एक बड़ा सबक पेश किया है। कोर्ट ने बारात के रास्ते में बस खराब होने और बारातियों को हुई मानसिक पीड़ा को ‘सर्विस में गंभीर कमी’ माना है। आयोग ने बस ऑपरेटर को पीड़ित पक्ष को ब्याज सहित 64 हजार रुपये चुकाने का आदेश दिया है।
क्या था मामला?
8 दिसंबर 2022 को दिल्ली के एक परिवार ने बुलंदशहर (UP) बारात ले जाने के लिए 18,500 रुपये में एक बस बुक की थी। इसमें से 14 हजार रुपये एडवांस के रूप में दिए गए थे। लेकिन सफर की शुरुआत से ही परेशानियां शुरू हो गईं:
- 2 घंटे की देरी: बस को दोपहर 2:30 बजे पहुंचना था, लेकिन वह शाम 4:30 बजे पहुंची।
- गलत रूट और ब्रेकडाउन: बस चालक ने तय छोटे रास्ते के बजाय लंबा रास्ता लिया और आधी रात को गंतव्य से 58 किमी पहले ही बस खराब हो गई।
रात 3 बजे पहुंची बारात, हुई सामाजिक शर्मिंदगी
आधी रात को बीच सड़क पर बस खराब होने के कारण दूल्हे पक्ष को आनन-फानन में दूसरी गाड़ियों का इंतजाम करना पड़ा। पूरी बारात रात के 3 बजे विवाह स्थल पर पहुंची, जिससे शादी की रस्में प्रभावित हुईं और परिवार को सामाजिक शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा।
कमीशन की कड़ी टिप्पणी
आयोग की अध्यक्ष दिव्या ज्योति जैपुरियार और सदस्य रश्मि बंसल की पीठ ने कहा:
“शादी-विवाह जैसे समारोहों में समय की बहुत महत्ता होती है। ऐसे अवसरों पर हुई देरी न केवल मानसिक तनाव का कारण बनती है, बल्कि परिवार के मान-सम्मान को भी ठेस पहुंचाती है।”
मुआवजे का गणित
दिल्ली कंज्यूमर कमीशन ने निम्नलिखित भुगतान के आदेश दिए हैं:
- ₹14,000: एडवांस किराए की वापसी (6% ब्याज के साथ)।
- ₹50,000: मानसिक उत्पीड़न और असुविधा के लिए मुआवजा।
- चेतावनी: यदि 30 दिन के भीतर भुगतान नहीं किया गया, तो ब्याज दर बढ़ाकर 9% कर दी जाएगी।

