नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के उम्मीवारों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में 18 नामों को शामिल किया गया है।
इस सूची में छत्तीसगढ़ से सुश्री सरोज पांडे को उम्मीदवार बनाया गया है। उत्तराखंड से श्री अनिल बलूनी, राजस्थान से श्री करोड़ी लाल मीना और मदन लाल सैनी को चुना गया है।
महाराष्ट्र से श्री नारायण राणे और श्री वी मुरलीधरन को उम्मीदवार बनाया है। हरियाणा से रिटायर्ड ले. जनरल डीपी वत्स को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया गया है।
मध्यप्रदेश से श्री अजय प्रताप सिंह और श्री कैलाश सोनी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं उत्तर प्रदेश से श्री अशोक बाजपेयी, श्री अजय पाल सिंह तोमर, श्री सकल दीप राजदार, श्रीमति कांता कारदम व डॉक्टर अनिल जैन और श्री जीवीएल नरसिंम्हा राव व श्री हरनाथ सिंह यादव को उम्मीदवारी के लिए चुना गया है। कर्नाटक के से एक नाम श्री राजीव चंद्रशेखर का सामने आया है। झारखंड से श्री समीर को उम्मीदवार बनाया है।
कहा जाता है कि भाजपा का हर कदम राजनीतिक और रणनीतिक रूप से सधा होता है और इसी महीने होने वाले राज्यसभा के लिए उम्मीदवारों के चयन में यह फिर से सही हुआ। सोमवार को नामांकन खत्म होने के महज 20 घंटे पहले जारी सूची में पार्टी ने हर उस राज्य की राजनीति को साधा जो अहम हैं। रविवार की देर शाम जारी 18 उम्मीदवारों की सूची में उत्तर प्रदेश के थोड़े बड़बोले सहयोगी ओमप्रकाश राजभर को भी संदेश दिया गया और आंध्र प्रदेश के नाराज सहयोगी टीडीपी को भी और चुनाव में जा रहे कर्नाटक को भी।
23 मार्च को होने वाले चुनाव के लिए भाजपा ने नौ नामों की घोषणा पहले ही कर दी थी जिसमें आठ मंत्री और एक महामंत्री भूपेंद्र यादव शामिल थे। सबसे ज्यादा निगाहें उत्तर प्रदेश पर टिकी थी जहां से पार्टी को आठ सीटें मिलने वाली है। केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली का नाम पहले ही घोषित हो गया था। जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए श्रीमति कांता करदम, सकलदीप राजभर, पुराने कार्यकर्ता हरनाथ सिंह यादव, ब्राह्मण कोटे से अशोक वाजपेयी, उत्तर प्रदेश से ही आने वाले शाह कैबिनेट के महामंत्री अनिल जैन, विजयपाल सिंह तोमर और प्रवक्ता जीवीएल नरसिंहाराव को नामित किया गया है।
जीवीएल आंध्र प्रदेश से आते हैं और कुछ ही दिन पहले टीडीपी ने जिस तरह मोदी सरकार से बाहर गई उसके बाद इसे राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। खुद शाह ने अपनी टीम के लोगों को प्रोत्साहित किया है। भूपेंद्र यादव पहले भी राज्यसभा में थे। उनके अलावा अनिल जैन और छत्तीसगढ़ से आने वाली महामंत्री सरोज पांडे को भी जोड़ा जाए तो शाह की टीम के पांच सदस्य राज्यसभा में होंगे। भाजपा में मीडिया का कार्यभार देख रहे अनिल बलूनी को उत्तराखंड से राज्यसभा में नामित किया गया है।
कर्नाटक में चुनाव हैं और पूर्व सांसद राजीव चंद्रशेखर जैसे प्रभावी नेता अब औपचारिक तौर पर भाजपा के सदस्य होंगे। उन्हें कर्नाटक से ही नामित किया गया है। जबकि महाराष्ट्र से मराठा नेता नारायण राणे को राज्यसभा में लाकर वहां की राजनीति को भी साधा गया है। ध्यान रहे कि पिछले दिनों में शिवसेना भाजपा को परेशान करती रही है और मुख्यमंत्री के रूप में ब्राह्मण देवेंद्र फडणवीस को बिठाने के बाद मराठा राजनीति के पिच पर थोड़ी कमजोर चल रही थी। झारखंड में पिछले दिनों में आदिवासी -गैरआदिवासी राजनीति गर्म है। पार्टी ने वहां से आदिवासी को नामित किया है।
