राजनीतिक संगठन बना सपाक्स, 230 सीटों पर लड़ेगा चुनाव

भोपाल। पदोन्नति में आरक्षण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा सपाक्स समाज संगठन अब राजनीतिक संगठन बन गया है, जो आगामी विधानसभा चुनाव में 230 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। रविवार यह घोषणा संगठन के संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी ने की। वे राजधानी के नार्मदीय भवन में आयोजित महाधिवेशन में बोल रहे थे।

इस मौके पर उन्होंने अनारक्षित वर्ग के सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधियों पर हमला भी बोला। उनका कहना था कि आरक्षित वर्ग के सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधि अपनी समाज के हितों के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं। वहीं अनारक्षित समाज के सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधि दब्बू और डरपोक हैं। उन्हें समाज के हितों की चिंता नहीं हैं। अब ऐसे जनप्रतिनिधियों को जाग्रत करने व साथ न देने वाले को सबक सिखाने की जरूत है। श्री त्रिवेदी ने कहा कि उनका संगठन चुनाव में समान विचारधारा के संगठनों से तालमेल करेगा। उन्होंने 2030 तक आरक्षण मुक्त भारत बनाने की घोषणा भी की।

राजनीतिक घोषणा करने के पूर्व सुबह सपाक्स संस्था संस्था (अधिकारी कर्मचारियों का संगठन) का सम्मेलन हुआ। इसमें संस्था के संरक्षक राजीव शर्मा, अध्यक्ष डॉ. केएस तोमर और अन्य पदाधिकारियों हिस्सा लिया। संरक्षक राजीव शर्मा ने कहा कि केवल न्यायालीन निर्णय से काम नहीं चलेगा। पदोन्नति में आरक्षण खत्म करने और योग्यता के आधार पर पदोन्नति देने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को प्रभावित करने की जरूरत है।

इस मौके पर सपाक्स युवा संगठन के अध्यक्ष अभिषेक सोनी ने कॉलेजों, विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में सरकार द्वारा योग्यताधारी युवाओं की अनदेखी करने की बात कही। कर्मचारी संगठन व युवा विंग की विस्तृत रूपरेखा के बाद सपाक्स समाज का सम्मेलन शुरू हुआ। जिसमें संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी। पूर्व आईएएस वीना घाणेकर ने कहा कि आर्थिक आधार पर आरक्षण होना चाहिए। इस मौके पर उन्हें महिला विंग की सरक्षक बनाया गया। समाज के अध्यक्ष पीएस परिहार ने कहा कि विचारधारा को आगे बढ़ाने और लोगो को आरक्षण के प्रति जागरूक करने चुनाव लडेंगे।

पहले ही दिन इन्होंने दिया साथ देने का भरोसा

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