यूपी के डीजीपी ने ट्विटर पर मांगी सार्वजनिक क्षमा, कहा- “मेरा दिल भर आया”

लखनऊ। डीजीपी ओपी सिंह ने शनिवार रात ट्वीट कर स्वीकार किया कि सिपाही प्रशांत चौधरी ने अपराधियों वाला कृत्य किया है, इसके लिए उसे कठोर सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने विवेक के परिवार के प्रति गहरी शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि परिवार ने जो खोया है, उसकी भरपाई नहीं की जा सकती।

डीजीपी ने कहा कि वर्दी में छिपे ऐसे बिगड़ैल पुलिसकर्मी पूरे विभाग का सिर शर्म से झुकाते हैं। पुलिसकर्मियों में सुधार के बर्ताव व आचरण में सुधार व सोच में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है। यह कठिन काम है। उन्होंने पुलिस सुधार के अपने प्रयास भी साझा किए।

बताते चलें कि लखनऊ में सिपाही के हाथों हुए एक बेगुनाह के कत्ल पर प्रदेश के डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने माफी मांगी है। देर शाम उन्होंने इस अप्रत्याशित घटना को यूपी पुलिस का चरित्र न मान बैठने की अपील की। साथ ही यह भी कहा कि खाकी वर्दी में मौजूद एक-एक बदमाश को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।

डीजीपी ने ट्वीटर पर लिखा कि ‘व्यक्ति की कीमती जिंदगी की भरपाई किसी भी क्षमा याचना से पूरी नहीं हो सकती न ही पीड़ित परिवार को पहुंचे इस आघात की भरपाई हो सकती है। मृतक विवेक तिवारी की पत्नी छोटी बेटियां और परिवार के लिए मेरा दिल भर आया है।

डीजीपी ने आगे लिखा है कि ‘आज मैंने प्रदेश के 250 इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर से इस दुखद घटना को लेकर सीधे बातचीत की। कुछ सप्ताह पहले हमने इस संवाद की शुरुआत की योजना बनाई थी और इसे राज्य के सभी जिलों में लागू करने की पहल की है।

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