BJP छोड़कर क्या कहा पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने , जानिये
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से असंतुष्ट और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा पार्टी से अलग हो गए हैं. उन्होंने पटना में इसकी आधिकारिक घोषणा की. केंद्र सरकार के विरोधी नेता आज पटना में एक मंच पर जुटे थे, जहां पूर्व वित्त मंत्री ने बीजेपी से सारे रिश्ते तोड़ने का ऐलान किया.
यशवंत सिन्हा ने कहा, “बीजेपी में दलगत राजनीति बढ़ती जा रही है. लोकतंत्र खतरे में है. इसलिए मैं बीजेपी से अपने सारे रिश्ते-नाते तोड़ रहा हूं.”
मंच नहीं है. उन्होंने कहा कि फिलहाल देश की हालात चिंताजनक है ऐसे में अगर आज हम चुप रहे तो आनेवाले पीढियां दोष देंगी.
यशवंत ने कहा कि बिहार ने बड़े आंदोलन पैदा किए हैं. केंद्र सरकार पर यशवंत सिन्हा ने हमला करते हुए कहा कि संसद का बजट सत्र इतना छोटा कभी नहीं रहा है, लेकिन भारत सरकार ने नियोजित ढंग से संसद को नहीं चलने दिया.
उन्होंने कहा कि गुजरात चुनाव के कारण सत्र को छोटा कर दिया गया. सत्र नहीं चलने से सरकार बहुत खुश थी. सरकार ने अविश्वास प्रस्ताव के कारण सदन नहीं चलने दिया,
इस अधिवेशन में बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा, बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, शरद यादव और जदयू के असंतुष्ट नेता उदय नारायण चौधरी भी मौजूद रहे. कार्यक्रम में कांग्रेस, राजद, आम आदमी पार्टी और सपा समेत भाजपा-जदयू के असंतुष्ट नेताओं को भी बुलाया गया.
बता दें कि यशवंत सिन्हा इससे पहले भी लगातार बीजेपी पर हमला बोलते रहे हैं. ऐसे में पटना में उनकी अगुवाई में बुलाई गई यह बैठक भविष्य के राजनीतिक परिप्रेक्ष्य को लेकर काफी अहम मानी जा रही है.

