#Katni: मोटर वोट से पहुंचा खिरवा का मतदान दल, बंगलुरु और पुणे से आए मतदाता
कटनी। लोकसभा निर्वाचन के अन्तर्गत खजुराहो संसदीय क्षेत्र के कटनी जिले के शामिल विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के मतदान केन्द्र क्रमांक 164 का मतदान दल विजयराघवगढ़ होते हुये महानदी तट पर पहुंचा और नदी के बैकवॉटर को मोटर वोट के जरिये पार कर अपने मतदान केन्द्र खिरवा पहुंचा। सेक्टर अधिकारी हेमन्त तिवारी के साथ मतदान दल और रिजर्व मतदान दल ईवीएम मशीनों व मतदान सामग्री के साथ बस में बैठकर विजयराघवगढ़ के लूली गांव महानदी के किनारे तक पहुंचा।
जहां होमगार्ड के सैनिक सचिन दुबे, हरिवंश प्रताप सिंह और ईश्वरी सिंह मोटर वोट तथा लाईफ जैकेट के साथ तैनात रहे। महानदी के बैकवॉटर के किनारे पहुंचकर मतदान दल क्रमांक 164 के पीठासीन अधिकारी शिवसागर द्विवेदी, मतदान अधिकारी अनुराग कुमार, अखिल मिश्रा, मो नसीम के साथ रिजर्व मतदान दल भी लाईफ जैकेट पहनकर मोटर बोट के जरिये दूसरी छोर स्थित मतदान केन्द्र तक पहुंचे। दल के साथ सुरक्षा अधिकारी के रुप में वनपाल के के तिवारी भी उपस्थित रहे। खिरवा मतदान केन्द्र में कुल 490 मतदाता हैं, जिनमें 256 पुरुष और 234 महिला मतदाता शामिल हैं।

मतदान करने बंगलुरु से आए युवक
लोकतंत्र का उत्साह, पुणे से आकर डाला वोट
कटनी। इसे ही इस देश के लोकतंत्र की खूबसूरती कहते हैं। अशोक कालोनी में रहने वाली एक महिला मीना भारद्वाज अपने बेटे के साथ पुणे में शिफ्ट हो गई हैं। विगत दिनों जब श्रीमती भारद्वाज को पता लगा कि 6 मई को वोटिंग है। उन्होंने कटनी आने का प्लान बनाया लेकिन ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिलन से वह निराश हो गई पर फिर भी जज्बा कायम रखा और कल पुणें स्टेशन पहुंचे गईं तथा भारी भीड़ के बावजूद कटनी की ट्रेन पकड़ी और आज सुबह जैसे तैसे कटनी पहुंच कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया तथा काफी खुश नजर आईं। उन्होंने कहा कि देश में सरकार बनाने एक एक वोट कीमती है इसीलिए परेशानी के बावजूद वह पुणे से कटनी पहुंची।
मतदान करने बंगलुरु से आए युवक
मुड़वारा विधानसभा क्षेत्र के जय प्रकाश वार्ड निवासी इंजीनियर विपुल कनकने व फार्मासिस्ट विराज कनकने बंगलौर से हवाई यात्रा कर मतदान करने के लिए कटनी पहुंचे और मतदान कर देश की सशक्त सरकार बनाने में अपनी सहभागिता दर्ज करवाई।
टापू बने खिरवाखुर्द में उत्साह कम,ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार का दिया था अल्टीमेटम
टापू बने खिरवाखुर्द के महज 15 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। शेष मतदाता चुप्पी साधे हुए घर से निकले ही नही। मतदान केंद्र क्रमांक 164 ख़िरवाखुर्द में 490 मतदाता है। मतदान के एक सप्ताह पूर्व ही यहाँ के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर मतदान बहिष्कार का अल्टीमेटम प्रशासन को दिया था। ग्रामीणों का आरोप था कि खिरवा खुर्द से डीघी तक सड़क निर्माण के लिए किसानों ने अपनी जमीन भी दान कर दिया, वाबजूद इसके प्रशासन ने सड़क निर्माण में रुचि नही दिखाई, जिससे बरही व अन्य मुख्यालय पहुंचने के लिए उन्हें व उनके परिवार को शिक्षा स्वास्थ्य लाभ सहित अन्य कार्यो के लिए हर दिन जान जोखिम में डालने की मजबूरी है। हालांकि प्रशासन द्वारा वर्ष 2018 में तकनीकी प्रतिवेदन शासन को भेज दिया था, लेकिन अभी तक भोपाल से प्रशासनिक स्वीकृति नही मिली है। गौरतलब है कि ख़िरवाखुर्द बाणसागर डूब प्रभावित क्षेत्र है, जो तीन ओर से पानी से घिरा हुआ है और एक तरफ सड़क न होने से उन्हें 4 किलोमीटर पहुंचने के लिए 17 किलोमीटर का सफर करने की मजबूरी पिछले एक दशक से झेलनी पड़ रही है।

