पब्लिक है सब जानती है…
जबलपुर, मुनप्र। अपने जमाने के सुपर स्टार रहे राजेश खन्ना की एक फिल्म का गाना चुनाव के इस मौसम में आज भी प्रासंगिक साबित हो रहा है। यदि एक तरफ जहां राजनैतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए लुभावने वायदे कर रहे हैं और राजनैतिक चौसर बिछाने में लगे हैं तो वहीं दूसरी ओर आम मतदाता अब पहले की अपेक्षा ज्यादा जागरूक नजर आ रहा है। मतदाता के घर घर दस्तक देने पहुंच रहे प्रत्याशियों को वह वोट देने का आश्वासन तो देता है किंतु उसके मन में क्या है यह केवल वही जानता है और जिसे वह अपने वोट योग्य चुनता है उसी के पक्ष में मतदान करता है। पूर्व में हुए चुनावों की अपेक्षा अब मतदाता ज्यादा जागरूक हो गया है। वह वोट उसी को देता है जो उसकी नजर में उसके वोट योग्य होता हैजैसे जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है चुनाव मैदान में किस्मत आजमाने वाले प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने तरह तरह के वादे करने में पीछे नहीं हट रहे। विकास केबड़े बड़े वादे और सुखदुख में साथ देने की दुहाई देते प्रत्याशी नजर आने लगे हैं। हालांकि चुनाव की सही तस्वीर कल नाम वापसी के बाद स्पष्टï होगी लेकिन पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार और निर्दलीय रूप से चुनाव लडऩे का मन बना चुके दावेदार अभी से सक्रिय हो गये हैं। अब तक के हुए चुनावों में आम जनता का कितना विकास हुआ है यह किसी से छिपा नहीं है। आम जनता की जगह जो लोग पिछले चुनावों में विजयी हुए थे उनका विकास ज्यादा हुआ है। इसी गाने की एक लाइन यह भी है कि अंदर क्या बाहर क्या है यह सब पहचानती है ये पब्लिक है सब जानती है। चुनावी समर के चलते चाय पान की दुकान से लेकर लोग अपने अपने तरीके से कौन जीतेगा कौन हारेगा इस पर चर्चा करते देखा जा सकता है।

