पटना-कोटा एक्सप्रेस को पलटाने की थी साजिश, ऐसे बची यात्रियों की जान
पटना/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के दरियाबाद स्टेशन के पास शनिवार देर रात पटना-कोटा एक्सप्रेस ट्रेन पलटने से बची। रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का बोटा पड़ा होने के चलते ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया तो इंजन पटरी से उतर गया। आशंका है कि ट्रैक पर लकड़ी का बोटा रख दुर्घटना की साजिश रची गई थी।
ट्रेन अचानक झटके के साथ रुकने से यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। ट्रेन रवाना करने के लिए फैजाबाद से दूसरा इंजन मंगाया गया है और लखनऊ से रिलीफ ट्रेन भेजी गई है।
जानकारी के अनुसार पटना से कोटा जा रही ट्रेन संख्या 13237 पटना कोटा एक्सप्रेस शनिवार देर रात बाराबंकी के दरियाबाद स्टेशन के पास पहुंची तो पतुलकी गांव में गेट नंबर 154 के पास इंजन के सामने सूखी लकड़ी का बोटा पड़ा था। इसके बाद ट्रेन ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया, जिससे इंजन के अगले दो पहिए पटरी से उतर गए। ब्रेक लगने के बाद ट्रेन झटके से रुक गई तो यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
हादसे के बाद ट्रेन रूट अवरुद्ध हो गया। जिस जगह हादसा हुआ है वहां पर कोई पेड़ नहीं है इसलिए अंदाजा लगाया जा रहा है कि ट्रैक पर लकड़ी डाली गई थी। इससे ट्रेन पलटाने की साजिश भी सामने आ रही है।
ट्रेन में सवार थे कई परीक्षार्थी –
पटना से कोटा जा रही ट्रेन में कई परीक्षार्थी भी सवार थे। वे अन्य साधनों से लखनऊ के लिए रवाना हुए। परीक्षार्थी लखनऊ और कानपुर में आयोजित गुरु गोविंद सिंह यूनिवर्सिटी, लखनऊ मेट्रो और बीएचयू की परीक्षा में हिस्सा लेने जा रहे थे।