Midnight Drama in Bhopal! आधी रात खुला सचिवालय, पटवारी की एंट्री से मचा हड़कंप—BJP पर ‘सीक्रेट ऑपरेशन’ के आरोप

Midnight Drama in Bhopal! आधी रात खुला सचिवालय, पटवारी की एंट्री से मचा हड़कंप—BJP पर ‘सीक्रेट ऑपरेशन’ के आरोप

Midnight Drama in Bhopal! आधी रात आधी रात खुला सचिवालय, पटवारी की एंट्री से मचा हड़कंप—BJP पर ‘सीक्रेट ऑपरेशन’ के आरोप।  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार देर रात सियासी हलचल तेज हो गई, जब विधानसभा सचिवालय खुलने की खबर सामने आई। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी और कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।

Midnight Drama in Bhopal! आधी रात खुला सचिवालय, पटवारी की एंट्री से मचा हड़कंप—BJP पर ‘सीक्रेट ऑपरेशन’ के आरोप

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी देर रात करीब 11 बजे अपने समर्थकों के साथ विधानसभा पहुंच गए। वे सीधे विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के कक्ष में पहुंचे और आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर रात में सचिवालय खोला गया है।

पटवारी ने कहा कि दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई के लिए यह कदम उठाया गया। उनके साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा भी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं के पहुंचने के कुछ देर बाद ही सचिवालय से अधिकारी निकल गए, जिससे संदेह और गहरा गया।

विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा

दतिया विधायक राजेंद्र भारती को एमपी-एमएलए कोर्ट ने एफडी फर्जीवाड़ा मामले में 3 साल की सजा सुनाई है। यह मामला 1998 से 2011 के बीच बैंक रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अवैध रूप से ब्याज लेने से जुड़ा है।

कोर्ट ने भारती के साथ पूर्व बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति को भी दोषी ठहराया और दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि, सजा के साथ ही उन्हें जमानत भी मिल गई है, जिससे उन्हें तुरंत जेल नहीं जाना पड़ा।

विधायकी पर मंडरा रहा खतरा

कानूनी प्रावधानों के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता रद्द हो सकती है। ऐसे में राजेंद्र भारती की विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है। उनके पास सजा के खिलाफ अपील करने के लिए सीमित समय है।

2023 में बड़े नेता को हराया था

राजेंद्र भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर जीत दर्ज की थी। यही वजह है कि इस पूरे घटनाक्रम को राजनीतिक नजरिए से भी काफी अहम माना जा रहा है।

सियासत तेज, आरोप-प्रत्यारोप जारी

कांग्रेस का आरोप है कि राज्यसभा चुनाव से पहले विपक्षी विधायकों पर दबाव बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है। वहीं भाजपा की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

Midnight Drama in Bhopal! आधी रात खुला सचिवालय, पटवारी की एंट्री से मचा हड़कंप—BJP पर ‘सीक्रेट ऑपरेशन’ के आरोप

 

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