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चपरासी बनने इंटरव्यू में महिला से पूछा-पति क्या करते है? जवाब सुन जज भी हैरान

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ग्वालियर। जिला सत्र न्यायालय में शनिवार को चपरासी पद के लिए 70 फीसदी उम्मीदवार साक्षात्कार देने पहुंचे। उम्मीदवारों की पारिवारिक पृष्ठभूमि व योग्यता सुनकर जज भी हैरान रह गए। जज ने साक्षात्कार के लिए पहुंची एक युवती की पारिवारिक पृष्ठभूमि के बारे में सवाल किया तो उसने जवाब दिया कि उसके पति बैंक मैनेजर है, लेकिन वह अपने पैरों पर खड़ी होना चाहती है। इसलिए साक्षात्कार देने आई है। प्राइवेट नौकरी से चपरासी की शासकीय नौकरी अच्छी है।

जिला सत्र न्यायालय में चपरासी के 57 पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार चल रहे हैं। प्रतिदिन 2400 उम्मीदवारों को बुलाया जा रहा है। शनिवार को साक्षात्कार का तीसरा दिन है। उम्मीदवारों की उपस्थिति में इजाफा हुआ है। 70 फीसदी उम्मीदवार साक्षात्कार के लिए पहुंचे। सुबह 6 बजे से जिला कोर्ट में उम्मीदवारों की लाइन लग गई थी। जजों ने दस्तावेज देखकर उनसे तीन सवाल किए। पारिवारिक पृष्ठभूमि, योग्यता व नौकरी क्यों करना चाहते हैं? इस पूरे साक्षात्कार में हर कोई बोला कि चपरासी की नौकरी बुरी नहीं है। धक्के खाने से अच्छा है कि कहीं काम कर रहे हैं। उनके जवाब सुनकर जज भी हैरान रह गए। ज्ञात हो कि कोर्ट में चपरासी, स्वीपर, वाटरमैन, चालकों की भर्ती होनी है। इन पदों के लिए 60 हजार आवेदन आए हैं। 28 फरवरी तक इनके साक्षात्कार चलेंगे।

मिदनापुर से ग्वालियर साक्षात्कार देने आया

संचित कुमार मिदनापुर (पश्चिम बंगाल) का निवासी है। वह शनिवार को साक्षात्कार के लिए ग्वालियर पहुंचा। उसने जजों के सवालों के जवाब में कहा कि बेरोजगारी काफी है। कहीं भी काम नहीं मिल रहा है। इसलिए चपरासी के लिए प्रयास किया है।

देशभर के युवाओं ने भरा है आवेदन

चपरासी के लिए पूरे देशभर से आवेदन आए हैं। त्रिपुरा, असम, पश्चिम बंगाल, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान आदि जगहों से आवेदन आए हैं। मध्य प्रदेश के सभी जिलों से बड़ी संख्या में आवेदन ग्वालियर के पदों पर आए हैं और वह साक्षात्कार के लिए भी पहुंच रहे हैं।

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