कुशीनगर हादसा : ड्राइवर ने लगा रखा था इयरफोन, ट्रेन देखने के बाद भी नहीं रोकी वैन

कुशीनगर : वारदात के वक्त मौके पर मौजूद एक बाइक सवार ने कहा कि ट्रेन हॉर्न बजा रही थी. बावजूद इसके ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी और क्रासिंग पार करने की कोशिश की.

वारदात के वक्त मौके पर मौजूद एक बाइक सवार ने कहा कि ट्रेन हॉर्न बजा रही थी. बावजूद इसके ड्राइवर ने गाड़ी नहीं रोकी और क्रासिंग पार करने की कोशिश की. प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वैन 50 मीटर दूर जाकर गिरी. प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ट्रेन के ड्राइवर ने ब्रेक लगाया लेकिन स्पीड इतनी थी की हादसा टाला नहीं जा सका.वहीं, अन्य लोगों का कहना है कि ड्राइवर ने कान में इयरफोन लगा रखा था. उसने ट्रेन को देखा, लेकिन जल्दबाजी की वजह से क्रासिंग पार करने की कोशिश की. पूरे मामले में वैन के ड्राइवर की लापरवाही सामने आ रही है. लेकिन रेलवे की लापरवाही भी सामने आ रही है. क्रासिंग पर कोई गैंगमैंन तैनात नहीं था.

हादसे पर सीपीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे संजय यादव ने कहा कि प्रथम दृष्टया वैन ड्राइवर की गलती नजर आ रही है. उन्होंने कहा कि नियमानुसार ड्राइवर को रुकना चाहिए थे और देखना चाहिए था कि ट्रेन आ रही है कि नहीं. लेकिन जल्दबाजी के चक्कर में उसने ट्रैक क्रॉस करने की कोशिश की और हादसा हो गया. मामले में रेलवे ने जांच के आदेश दे दिए हैं.
रेलवे मंत्री पियूष गोयल ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मामले में सीनियर अधिकारियों को जांच के आदेश दे दिए गए हैं. रेलवे की तरफ से मृतक बच्चों के परिजनों के लिए दो-दो लाख रुपये आर्थिक मुआवजा देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने भी मृतक बच्चों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है.

कुशीनगर हादसे में मरने वाले छात्रों के नाम

कामरान, फरहान, अतीउल्ला, अनस, नजीर, मेराज, हरिओम, मुस्कान, गोल्डेन, साजिदा और तमन्ना. तीन बच्चे अज्ञात हैं. घायलों में चार बच्चे समेत ड्राइवर को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है. साथ ही मेडिकल कॉलेज में 7 बेड सुरक्षित रखे गए हैं.

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