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झारखंड से गुजरात ले जाई रहीं चार नाबालिग बच्चियों का सुरक्षित रेस्क्यू, शक्तिपुंज एक्सप्रेस में आरपीएफ और बाल कल्याण समिति की संयुक्त कार्रवाई से मची अफरा-तफरी

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कटनी(YASH BHARAT.COM)। कटनी साउथ स्टेशन के आउटर में रेलवे सुरक्षा बल(आरपीएफ)और बाल कल्याण समिति ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए शक्तिपुंज एक्सप्रेस से चार नाबालिग बच्चियों का सुरक्षित रेस्क्यू किया है। झारखंड से गुजरात ले जाई जा रही इन बच्चियों को रेस्क्यू करने जैसे ही आरपीएफ और बाल कल्याण समिति की टीम ने इस ट्रेन में दस्तक दी तो हडक़ंप मच गया। इस दौरान बच्चियों ने भागने की कोशिश भी की लेकिन टीम की मुस्तैदी के कारण उन्हे बचा लिया गया। इस संबंध में रेलसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रेस्क्यू की गई चारों बच्चियां झारखंड के पलामू जिले की रहने वाली हैं। आरपीएफ को खुफिया सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवकों के साथ ये नाबालिग बच्चियां गुजरात की ओर जा रही हैं। सूचना मिलते ही आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह अपनी 11 सदस्यीय टीम और बाल कल्याण समिति के 5 सदस्यों के साथ कटनी साउथ स्टेशन के आउटर पर मोर्चा संभाल लिया। जैसे ही ट्रेन स्टेशन आउटर पर पहुंची, टीम की मौजूदगी भांपकर ट्रेन में चैन पुलिंग कर दी गई। पुलिस को देखते ही चारों बच्चियां ट्रेन से उतरकर पटरियों की ओर भागने लगीं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि टीम ने घेराबंदी कर उन्हें सुरक्षित पकड़ लिया। टीम अब बच्चियों के साथ रहे युवकों से पूछताछ करते हुए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं यह मानव तस्करी से जुड़ा मामला तो नहीं है और बच्चियों के साथ सफर कर रहे युवक मानव तस्करी गिरोह के सदस्य तो नहीं है। या फिर बच्चियां सही में बाल विवाह से बचने के लिए घर से भागी थी।

जांच के दायरे में दोनों संदिग्ध युवक

बाल कल्याण समिति के सदस्य दुर्गेश तिवारी के मुताबिक शुरुआती पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि उनके परिजन उनकी कम उम्र में शादी करना चाहते थे, जिससे बचने के लिए वे घर से निकलीं थी। फिलहाल बच्चियों के साथ सफर कर रहे दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। बच्चियों को सुरक्षित बालिका गृह भेज दिया गया है और उनके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश जारी है।

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