कार्यालय समय पर नहीं देते जानकारी नतीजतन देर से मिलता है वेतन

कटनी। शासकीय कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान हो, इसे लेकर कोषालय द्वारा कार्यालयों को समय पर वेतन देयक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला कोषालय अधिकारी श्री शैलेष गुप्ता द्वारा बार- बार आग्रह करने के बाद भी मासिक वेतन के देयक नियत समयावधि में कोषालय को प्रस्तुत नहीं की जाती है। इसके कारण शासकीय सेवकों के वेतन में बिना किसी कारण देरी होती है। जिससे कर्मचारी को तो परेशानी होती ही है, कोषालय का भी समय खराब होता है।

जबकि शासन के निर्देश हैं कि सभी शासकीय सेवकों को हर माह की एक तारीख को वेतन का भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भी वेतन देयक प्रस्तुत करने में कार्यालय देरी करते हैं। ऐसे में अगले माह शासकीय कर्मचारियों को मासिक वेतन पांच तारीख तक नहीं होता है, तो इसके लिए संबंधित आहरण संवितरण अधिकारी की जबावदेही तय की गई है।

कोषालय से मिली जानकारी के अनुसार सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को सूचना दी गई दी गई है। है कि उनके कार्यालय के सभी कर्मचारियों के वेतन देयक की जानकारी हर माह की 26 तारीख तक कोषालय को भेज दी जाए, ताकि कर्मचारियों के वेतन का भुगतान समय पर हो सके। इसके बाद भी यदि किसी कारण वश स्टॉप सैलरी पेमेंट की स्थिति बनती। है, तो उस कार्यालय को स्टॉप सैलरी पेमेंट के देयकों के साथ स्टॉप सैलरी करने के कारण और उसके भुगतान के संबंध विस्तृत निर्देश और आदेश के साथ सारी जानकारी कोषालय को नियत समय में भेजनी होगी। सक्षम स्वीकृति के अभाव में कोषालय को प्राप्त होने वाले स्टॉप सैलरी के देयकों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। ऐसी स्थिति में भुगतान विलंब के लिए आहरण संवितरण अधिकारी स्वयं जवाबदार होंगे।

जिला कोषालय अधिकारी शैलेष गुप्ता कहते है कुछ कार्यालयों द्वारा समय पर वेतन देयक की जानकारी नहीं दी जाती है। इससे कर्मचारियों का वेतन देरी से होता है। वेतन देयक समय पर भेजा जाए, इसके संबंध में सभी कार्यालयों को सूचना दी गई है।

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