इतिहास दोहराएगा! पिता 46 सांसदों के साथ बने थे PM, पुत्र 38 सीटों के बाद बनेंगे CM ?

नई दिल्ली.   कर्नाटक में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद भी सरकार बनाने की दौड़ में कांग्रेस से पिछड़ गई। मंगलवार को रुझानों में काफी देर तक भाजपा ही बहुमत के आसपास थी। लेकिन, दोपहर बाद वह 104 सीटों पर ठहर गई। बहुमत से भाजपा के 9 सीटें दूर रहने का फायदा कांग्रेस ने उठाया। उसने गोवा-मेघालय का सबक याद रखा, जहां वह सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद सरकार नहीं बना पाई थी। कांग्रेस ने 78 सीटों के बावजूद फुर्ती दिखाते हुए 38 सीटों वाले जनता दल सेक्युलर को समर्थन का एलान कर दिया। अचानक बदली स्थिति के बावजूद येदियुरप्पा ने कहा कि सौ फीसदी भाजपा ही सरकार बनाएगी। येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मुलाकात कर सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सरकार बनाने का दावा पेश किया। इसके महज 15 मिनट के बाद येदियुरप्पा और कुमारस्वामी ने भी सरकार बनाने का दावा पेश किया। बता दें कि 14 साल पहले 2004 में भी ऐसी ही स्थिति बनी थी। तब भाजपा को 79, कांग्रेस को 65 और जेडीएस को 58 सीटें मिली थीं। इसके बाद जेडीएस और कांग्रेस ने मिलकर सरकार बनाई थी जो 20 ही महीने चल पाई।

 

मौजूदा स्थिति : भाजपा सबसे बड़ी पार्टी, बहुमत से 9 सीटें दूर 

राज्य में कुल सीटें 224 हैं। 2 सीटों पर मतदान बाकी है। बहुमत के लिए 113 जरूरी।

 

पार्टी 2018 के रुझान 2013 अंतर
कांग्रेस 78 122 – 44
भाजपा 104 40 +64
जेडीएस+ 38 40 -2
अन्य 02 22 -18

मोदी ने कर्नाटक की जनता और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद किया

– नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं कर्नाटक के भाई-बहनों को समर्थन देने के लिए धन्यवाद देता हूं। कर्नाटक की जनता ने विकास के एजेंडा का समर्थन किया, जिसके चलते भाजपा राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। मैं उन कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने दिन-रात मेहनत की और पार्टी के लिए काम किया।

भाजपा की सीटें कम होती गईं और कांग्रेस ने मौका भुना लिया

मतगणना के शुरुआती आधे घंटे में कांग्रेस ने बढ़त बनाई। इसके बाद एक घंटे तक उसकी भाजपा से कड़ी टक्कर देखने को मिली। लेकिन साढ़े नौ बजे के बाद भाजपा आगे निकलकर बहुमत के करीब तक पहुंच गई।

अब नजरें राज्यपाल पर

येदियुरप्पा और सिद्धारमैया-कुमारस्वामी ने राज्यपाल से मुलाकात की

कुमारस्वामी दूसरी बार कम सीट लाकर भी बन सकते हैं मुख्यमंत्री

पिता देवेगौड़ा भी 46 सांसदों के बावजूद प्रधानमंत्री बने थे

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