हम तेरे नहीं सनम: पति ने पढ़ाया, नौकरी का फॉर्म लाया; अब लेखपाल बनीं पत्नी “बोली तेरा मेरा कोई मेल नहीं”
बरेली। हम तेरे नहीं सनम: पति ने पढ़ाया, नौकरी का फॉर्म लाया; अब लेखपाल बनीं पत्नी “बोली तेरा मेरा कोई मेल नहीं”। उत्तर प्रदेश के बरेली में ज्योति मौर्या का केस अब पुराना हो गया है. झांसी में एक नया मामला सामने आया है. यहां एक युवती ने कुछ समय पहले एक कारपेंटर से लव मैरेज की थी.दोनों में प्यार ऐसा था कि वो एक दूसरे को देखे बिना रह भी नहीं पाते थे. पति के वियोग से बचने के लिए युवती कभी मायके तक नहीं गई. हालांकि ससुराल में रहकर वह कंपिटीशन की तैयारी करती रही. इसी बीच उसका लेखपाल की परीक्षा में सिलेक्शन हो गया।
अब युवती ने कारपेंटर पति को साफ बोल दिया है कि तेरा मेरा कोई मेल नहीं. तुम कोई और देख लो. फिलहाल मामला पुलिस के पास पहुंच गया है. पुलिस दोनों के बीच समझौता कराने का प्रयास कर रही है. पीड़ित पति नीरज विश्वकर्मा ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि करीब पांच साल पहले उसके एक दोस्त के जरिए ऋचा से मुलाकात हुई थी. दोनों के बीच पहली नजर में प्यार हो गया. कुछ दिन तक तो दोनों फोन पर और मिलकर प्यार भरी बातें करते रहे, लेकिन दोनों को एक दूसरे से अलग होना पसंद नहीं था.
फरवरी 2022 में की थी कोर्ट मैरेज
इसलिए 6 फरवरी 2022 को दोनों ने कोर्ट में हाजिर होकर शादी कर लिया. नीरज ने बताया कि वह तो बढ़ई का काम करता था, लेकिन ऋचा के सपने ऊंचे थे और पढ़ लिखकर कुछ बनना चाहती थी. उसने भी ऋचा का हौंसला बढ़ाया और खुद कष्ट सहते हुए उसे आगे की पढ़ाई कराई. कोचिंग की फीस भरी. इसी बीच लेखपाल भर्ती के लिए फार्म निकला तो वह खुद बाजार से फार्म भी खरीद कर लाया. उसने इस परीक्षा की तैयारी के लिए ऋचा को घरेलू कार्य से मुक्त कर दिया.