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Vishakhapatnam LIVE Vizag Gas Leak: हादसे में मरने वालों के परिजनों को मिलेगा एक करोड़ रुपये का मुआवजा

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विशाखापट्टनम, एएनआइ/प्रेट्र। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक फैक्ट्री में आज सुबह गैस रिसाव होने से एक बड़ा हादसा हो गया। गैस लीक होने की घटना में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। विशाखापट्टनम के आरआर वेंकटपुरम गांव में एक फैक्ट्री में गैस रिसाव की यह घटना सामने आई। आरआर वेंकटपुरम गांव की एलजी पॉलिमर उद्योग में स्टाइरीन(Styrene) गैस रिसाव से हुए हादसे में एक बच्चे सहित कम से कम 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हादसे के बाद 800 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जानिए क्या होती है पीवीसी या स्टाइरीन गैस, विशाखापट्टनम में जिसके शिकार हुए 800 लोग

नौसेना के मुताबिक पोर्टेबल मल्टीफ़ेड ऑक्सीजन मैनिफोल्ड सिस्टम को COVID-19 महामारी के लिए छह रोगियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए एक जंबो आकार ऑक्सीजन बोतल को सक्षम करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। COVID नामित अस्पतालों में उपयोग के लिए जिला प्रशासन को 25 ऐसे सेट प्रदान किए गए थे।

पीएम के प्रधान सचिव डॉ. पीके मिश्रा ने विशाखापत्तनम में विशेषज्ञों की टीम भेजने का निर्देश दिया है और राहत, बचाव और अल्पावधि के साथ-साथ दीर्घकालिक चिकित्सा प्रभाव के लिए भी उपाय किए हैं। आज दोपहर 2.15 बजे दिल्ली में नेशनल मीडिया सेंटर में इसको लेकर एक विस्तृत प्रेस ब्रीफिंग आयोजित होगी।

उन्होंने कहा कि जो कंपनी इसे प्रबंधित कर रही थी, उसे इस घटना के लिए जिम्मेदार होना चाहिए। उन्हें आगे आना होगा और हमें यह बताना होगा कि किन प्रोटोकॉल का पालन किया गया था और किनका पालन नहीं किया गया था। तदनुसार, उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

याद आया भोपाल गैस त्रासदी

1984 में 2-3 दिसंबर की रात को भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड की फैक्ट्री से मिथाइल आइसोसाइनेट (एमआइसी) नामक जहरीली गैस का रिसाव हुआ था। इस जहरीले गैस के रिसाव के कारण तीन हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने विशाखापट्टनम में गैस रिसाव की घटना के बारे में पूछताछ की है और ज़िले के अधिकारियों को ज़िंदगी बचाने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हर संभव कदम उठाने का निर्देश दिया है।

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