जम्मू। पाकिस्तान की ओर से जम्मू संभाग के सीमावर्ती इलाकों में की जा रही गोलाबारी का सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने भी कड़ा जवाब दिया है। रविवार रात को की गई जवाबी कार्रवाई से सीमा पार हुई तबाही की बीएसएफ ने पुष्टि की है।
खबरों के अनुसार भारतीय सेना ने पिछले चार दिनों में पाकिस्तान पर 9000 राउंड मोर्टार दागे हैं। बीएसएफ प्रवक्ता के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय सीमा के साथ लगती पाकिस्तान की कई चौकियां, फायरिग रेंज व फ्यूल पंप तबाह हो गए हैं। पाकिस्तान के हथियारों के भंडार को भी नुकसान पहुंचा है। बीएसएफ ने फ्यूल पंप तबाह करते हुए कुछ वीडियो भी जारी किए हैं।
इस बीच, पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर नियंत्रण रेखा तक लगातार छठे दिन भी भारी गोलाबारी की। रातभर गोले बरसाने के बाद पाकिस्तान ने सुबह नौ बजे तक फायरिग जारी रखी, जिसमें सीमा सुरक्षा बल की 62वीं बटालियन का एक जवान घायल हो गया। देर रात पाकिस्तान ने पुंछ में फिर से गोलाबारी शुरू कर दी।
अभी तक पाकिस्तानी गोलाबारी में बीएसएफ के दो व सेना के तीन जवानों की शहादत सहित कुल 13 लोग मारे गए हैं। पाकिस्तानी गोलाबारी से 19 सेक्टरों के 120 से अधिक गांव प्रभावित हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में स्कूल बंद हैं और करीब 80 हजार लोग घर छोड़कर अपने रिश्तेदारों या प्रशासन द्वारा बनाए गए कैंपों में चले गए हैं। वहीं रविवार को कानाचक्क में एक नागरिक की मौत के बाद इस गांव को भी खाली करवा लिया गया है।
पाकिस्तान ने रामगढ़, अरनिया, गजनसू, अखनूर, मढ़ सेक्टरों में रात भर गोलाबारी की। अखनूर सेक्टर में सुबह करीब नौ बजे तक गोलाबारी होती रही। अरनिया सेक्टर में सुबह स्टाप टू पोस्ट पर सीमा सुरक्षा बल की 62वीं बटालियन का जवान अरुण वर्मा घायल हो गया। अखनूर सेक्टर में भी सुबह नौ बजे तक गोलाबारी होती रही। पाकिस्तान की गोलाबारी के कारण पूरे सीमांत क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। राज्य सरकार की एडवाइजरी के बाद इन क्षेत्रों से लगातार पलायन हो रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पलायन करने वालों की संख्या 50 हजार के आसपास ही है, मगर गैर आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार करीब 80 हजार लोग जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ जिलों के गोलाबारी प्रभावित गांवों से पलायन कर चुके हैं। अरनिया कस्बा पूरी तरह से खाली हो चुका है। अधिकांश लोग अपने रिश्तेदारों के घरों में चले गए हैं, जबकि कई लोग कस्बे के बाहरी क्षेत्र में स्थित कृष्णा पैलेस में रह रहे हैं।
#WATCH Retaliatory operation by Border Security Force against Pakistan Rangers along International Border in Jammu region (Source: BSF) pic.twitter.com/t9HLALaSWO
— ANI (@ANI) January 22, 2018
सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोग अब पशुओं को भी गांव से लेकर सुरक्षित स्थानों पर ले गए हैं। रविवार रात को हुई गोलाबारी में भी सीमांत क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ। कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए। दहशत इतनी है कि कोई भी अपने घरों की ओर जाने की हिम्मत नहीं कर रहा है। प्रशासन भी अभी लोगों को गांव में नहीं जाने की सलाह दे रहा है।
उधर, नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना ने नौशहरा के लाम, कलाल, कलसियां, झंगड़, भवानी सेक्टर के साथ पुंछ के शाहपुर, किरनी, मनकोट और कृष्णा घाटी सेक्टर में भी पूरी रात गोलाबारी की, जो सुबह छह बजे तक जारी रही।
