शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन

शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोज

 

कटनी -विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून को शासकीय कन्या महाविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात के मार्गदर्शन में एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई, एनसीसी, इको क्लब के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं समाज में पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा सतत विकास के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कटनी वन मंडल अधिकारी गर्वित गंगवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय कटनी से क्षेत्रीय अधिकारी सुधांशु तिवारी, वैज्ञानिक आर.पी. शुक्ला, इंजीनियर प्रतीक ज्योतिषी एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात ने अपने उद्बोधन में वर्तमान समय में बढ़ते वैश्विक तापमान, जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरणीय चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरण केवल प्रकृति का विषय नहीं है, बल्कि मानव जीवन के अस्तित्व से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं तथा जल, वन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। मुख्य अतिथि गर्वित गंगवार ने अपने संबोधन में कटनी जिले की समृद्ध वन संपदा एवं जैव विविधता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वन हमारे जीवन का आधार हैं तथा जैव विविधता का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने वन्य जीवों के अवैध शिकार एवं प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन को गंभीर समस्या बताते हुए इसके निराकरण के लिए जनसहभागिता पर बल दिया।

मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी सुधांशु तिवारी ने अपने व्याख्यान में प्रदूषण की विभिन्न समस्याओं एवं उनके दुष्प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जल प्रदूषण, वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रकाश डालते हुए प्रदूषण नियंत्रण हेतु लागू विभिन्न अधिनियमों एवं नियमों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में छात्राओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन विषय पर आकर्षक पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गई। छात्राओं ने अपने रचनात्मक विचारों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। इसके अतिरिक्त मिट्टी, रेत, पत्तियों, फूलों, लकड़ी एवं अन्य प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग करते हुए सुंदर एवं आकर्षक रंगोलियों का निर्माण किया गया, कार्यक्रम के अंतर्गत “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं छात्राओं ने पौधे रोपित कर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा स्वच्छता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई गई।

कार्यक्रम में आयोजन समिति के सभी सदस्यों, प्राध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में आयोजन समिति के सभी सदस्‍य एवं प्राध्‍यापकों सहित समस्‍त स्‍टॉफ डॉ. विमला मिंज, डॉ. रश्मि चतुर्वेदी, डॉ. अमिताभ पाण्‍डेय, के.जे. सिन्हा, बंदना मिश्रा, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. शिल्पी सिंह, सुश्री मिथलेश्‍वरी, नागेन्‍द्र यादव, पंकज सेन, डॉ. रीना मिश्रा, डॉ. आशुतोष द्विवेदी, डॉ. संजयकांत भारद्वाज, डॉ. अशोक शर्मा, भीम बर्मन, प्रेमलाल कॉवरे, रिचा दुबे, डॉ. प्रतिमा सिंह, प्रियंका सोनी, आरती वर्मा, नम्रता निगम, डॉ. सृष्टि श्रीवास्तव, डॉ. सोनिया कश्यप, डॉ. आंजनेय तिवारी, विनीत सोनी, डॉ. फूलचंद कोरी डॉ. अनिल द्विवेदी, डॉ. रंजना वर्मा, पूनम गर्ग, डॉ. श्रद्धा वर्मा, मीनाक्षी वर्मा, डॉ. मैत्रेयी शुक्ला, देववती चक्रवर्ती, डॉ. अपर्णा मिश्रा, डॉ. रत्‍नेश कुशवाहा, सुश्री पूजा सिंह राजपूत, अरूण साकेत सहित बड़ी संख्या में छात्राओं की उपस्थिति रही ।

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