इंदौर में बढ़ा पेट इंश्योरेंस (Pet Insurance) का रुझान: महंगे इलाज के खर्च से बचने के लिए लोग करा रहे पालतू जानवरों का बीमा

इंदौर में बढ़ा पेट इंश्योरेंस (Pet Insurance) का रुझान: महंगे इलाज के खर्च से बचने के लिए लोग करा रहे पालतू जानवरों का बीमा
बिजनेस / यूटिलिटी डेस्क। इंदौर में पालतू जानवरों (डॉग्स और कैट्स) के इलाज और मेडिकल खर्चों में हो रही भारी बढ़ोतरी से बचने के लिए पेट पेरेंट्स अब पेट इंश्योरेंस (पालतू जानवरों का बीमा) का सहारा ले रहे हैं। इसके लिए बाजार में अलग से पेट इंश्योरेंस प्लान के साथ-साथ फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस में भी पेट्स को शामिल करने के विकल्प मिल रहे हैं।
वेटरनरी डॉक्टर्स के अनुसार, इंदौर शहर में अब तक लगभग 500 कुत्तों (Dogs) का बीमा कराया जा चुका है।
पेट इंश्योरेंस में क्या-क्या होता है कवर?
चिकित्सा खर्च: बीमारी, दुर्घटना (Accident), फ्रैक्चर, सर्जरी, अस्पताल में भर्ती (Hospitalization), पैथोलॉजी जांच और दवाइयों का खर्च।
अतिरिक्त सुविधाएं: कई पॉलिसियों में पेट्स की मृत्यु, चोरी होने, गुम होने और अंतिम संस्कार तक का खर्च शामिल रहता है।
पहचान प्रक्रिया: पॉलिसी लेते समय पेट की फोटो, वैक्सीनेशन कार्ड, वेटरनरी रिकॉर्ड्स और माइक्रोचिप नंबर दर्ज किया जाता है, जिससे क्लेम के समय आसानी से पहचान हो सके।
उम्र और ब्रीड के हिसाब से प्रीमियम दरें (वार्षिक)
पेट इंश्योरेंस का प्रीमियम पालतू जानवर की नस्ल (Breed), उम्र, स्वास्थ्य और सम इंश्योर्ड पर निर्भर करता है:
इंडी / मिक्स्ड ब्रीड: ₹500 से ₹1,200 प्रति वर्ष से शुरुआत।
युवा पेडिग्री डॉग (Pedigree): ₹1,200 से ₹3,000 प्रति वर्ष (बेसिक प्लान)।
बड़े पेडिग्री डॉग्स: ₹2,500 से ₹6,000 प्रति वर्ष। (बड़े कवरेज वाले प्रीमियम प्लान ₹10,000 से ₹15,000 या उससे अधिक के होते हैं)।
बीमारियों और सर्जरी पर होने वाला भारी-भरकम खर्च
किडनी रोग: ₹20,000 से ₹25,000 प्रति माह।
हृदय रोग: ₹25,000 से ₹30,000 प्रति माह।
कैंसर इलाज: ₹10,000 से ₹20,000 प्रति माह (6 से 8 महीने तक चलने वाला इलाज)।
सर्जरी: सामान्य सर्जरी ₹10,000–₹15,000, जबकि जटिल सर्जरी ₹80,000 से ₹1 लाख तक।
मोतियाबिंद सर्जरी (दोनों आंखें): लगभग ₹75,000।
जॉइंट रिप्लेसमेंट (Joint Replacement): करीब ₹2 लाख तक का खर्च।
पॉलिसी लेते समय ध्यान रखने योग्य बातें
उम्र सीमा: आमतौर पर 2 महीने के छोटे पिल्लों से लेकर 8-10 साल तक के पेट्स का बीमा कराया जा सकता है।
वेटिंग पीरियड: पहले से मौजूद बीमारियों (Pre-existing diseases) पर 30 से 90 दिनों तक का वेटिंग पीरियड लागू होता है।
क्लेम प्रक्रिया: अधिकांश पॉलिसियों में रीइम्बर्समेंट (Reimbursement) मॉडल होता है; यानी पहले इलाज का खर्च खुद उठाना पड़ता है, जिसके बाद वेटरनरी बिल, पर्चे और जांच रिपोर्ट जमा करके क्लेम पास कराया जाता है।







