दिल्ली मेट्रो: मैजेंटा लाइन पर ‘सिग्नल फेल’ होने से मचा हाहाकार, स्क्रीन पर दिखा 129 मिनट का वेटिंग टाइम
नई दिल्ली:दिल्ली मेट्रो: मैजेंटा लाइन पर ‘सिग्नल फेल’ होने से मचा हाहाकार, स्क्रीन पर दिखा 129 मिनट का वेटिंग टाइम। दिल्ली मेट्रो की मैजेंटा लाइन (जनकपुरी वेस्ट-बोटेनिकल गार्डन) पर बुधवार को तकनीकी खराबी के चलते यात्रियों को भारी किल्लत का सामना करना पड़ा। इलेक्ट्रिक सिग्नल फेल होने की वजह से मेट्रो सेवा पूरी तरह चरमरा गई, जिससे ऑफिस जाने वाले और अन्य यात्रियों की स्टेशनों पर भारी भीड़ जमा हो गई।
दिल्ली मेट्रो: मैजेंटा लाइन पर ‘सिग्नल फेल’ होने से मचा हाहाकार, स्क्रीन पर दिखा 129 मिनट का वेटिंग टाइम
129 मिनट का इंतजार देख उड़े यात्रियों के होश
हौज खास से बोटेनिकल गार्डन की ओर जाने वाली ट्रेनों पर इस खराबी का सबसे ज्यादा असर देखा गया। कई स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक बोर्ड पर अगली मेट्रो के आने का समय 129 मिनट दिखाई देने लगा, जिसे देख यात्रियों में नाराजगी और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पिछले आधे घंटे से अधिक समय से ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी रहीं।
DMRC ने दी ‘सिग्नलिंग समस्या’ की जानकारी
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने आधिकारिक तौर पर इस तकनीकी खराबी की पुष्टि की है। DMRC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपडेट जारी करते हुए बताया:
“सिग्नलिंग की समस्या के कारण कालकाजी मंदिर और बॉटनिकल गार्डन के बीच ट्रेन सेवाएं बाधित हुई हैं। हालांकि, अन्य सभी लाइनों पर सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।”
ऑटोमैटिक बैरियर बने मुसीबत
सिग्नल फेल होने का असर केवल ट्रेनों की आवाजाही पर ही नहीं, बल्कि स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट पर भी पड़ा।
- गेट की समस्या: मेट्रो के कोच के दरवाजे तो खुल रहे हैं, लेकिन प्लेटफॉर्म पर लगे ऑटोमैटिक बैरियर (Screen Doors) नहीं खुल पा रहे हैं।
- यात्री फंसे: बैरियर न खुलने के कारण यात्री न तो ट्रेन में चढ़ पा रहे हैं और न ही बाहर निकल पा रहे हैं।
- धीमी रफ्तार: खराबी के कारण मेट्रो की औसत गति भी बेहद कम हो गई है; ट्रेन 30 मिनट में बमुश्किल दो स्टेशनों की दूरी तय कर पा रही है।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
स्टेशनों पर फंसे यात्रियों ने सोशल मीडिया पर मेट्रो कोच के अंदर और प्लेटफॉर्म की तस्वीरें साझा की हैं। स्क्रीन बोर्ड पर ‘Delay’ और ‘Station Hold’ के संदेश दिखाई दे रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि पीक आवर्स में इस तरह की समस्या से उनका पूरा शेड्यूल बिगड़ गया है।

