उन्नाव में मातम: मुंडन से लौट रहे परिवार की बोलेरो और डंपर में टक्कर; मां-बेटी समेत 6 की मौत
उन्नाव में मातम: मुंडन से लौट रहे परिवार की बोलेरो और डंपर में टक्कर; मां-बेटी समेत 6 की मौत, उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार सुबह एक बेहद हृदयविदारक हादसा हो गया। मुंडन संस्कार कराकर लौट रहे एक ही परिवार और उनके पड़ोसियों से भरी बोलेरो की टक्कर एक तेज रफ्तार डंपर से हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 6 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
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खुशी का माहौल मातम में बदला
जानकारी के मुताबिक, मौरावां थाना क्षेत्र के पठई गांव निवासी सूरज सिंह अपने 3 वर्षीय बेटे शुभ सिंह का मुंडन कराने चंद्रिका देवी मंदिर गए थे। मुंडन की रस्में पूरी कर परिवार और करीबी पड़ोसी बोलेरो से वापस लौट रहे थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि मंदिर से लौटते समय काल उन्हें रास्ते में घेर लेगा।
ओवरटेक बनी हादसे की वजह
हादसा सुबह करीब 10:30 बजे बक्सर-सुमेरपुर मार्ग पर खरही पुल के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एक वाहन को ओवरटेक करने के प्रयास में बोलेरो और डंपर की आमने-सामने की जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और दोनों वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरे।
हादसे में इन्होंने गंवाई जान
इस भीषण दुर्घटना में 5 महिलाओं और एक पुरुष की जान चली गई। मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- मां-बेटी: बिटाना और उनकी बेटी ज्योति।
- अन्य मृतक: गीता, सुनीता, पड़ोसी अर्चना और बोलेरो चालक रामधनी।
- घायल: 3 वर्षीय मासूम शुभ सिंह (जिसका मुंडन था) समेत 4 लोग घायल हैं। एक घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कानपुर रेफर किया गया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और मुआवजे का ऐलान
घटना की सूचना पर डीएम घनश्याम मीणा और एसएसपी जेपी सिंह तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों के उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की।
- मुआवजा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
- निर्देश: प्रशासन को घायलों का मुफ्त और सर्वोत्तम इलाज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
क्षेत्र में शोक की लहर
एक नन्हे बच्चे की खुशी और मुंडन का उत्सव पल भर में चीख-पुकार में बदल गया। पठई गांव में इस समय सन्नाटा पसरा है और हर आंख नम है। यह हादसा एक बार फिर सड़कों पर ‘रफ्तार के जुनून’ और ओवरटेक की लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े करता है।

