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मई से धुआं उड़ाना होगा और भी महंगा: ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स बढ़ा सकते हैं 17% तक दाम; बाजार में शेयर चमके

मुंबई/नई दिल्ली | बुधवार, 29 अप्रैल 2026: मई से धुआं उड़ाना होगा और भी महंगा: ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स बढ़ा सकते हैं 17% तक दाम; बाजार में शेयर चमके। सिगरेट के शौकीनों की जेब पर अगले महीने से बड़ा बोझ पड़ने वाला है। रिपोर्ट्स के अनुसार, देश की दिग्गज सिगरेट कंपनियां ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स मई 2026 से सिगरेट की कीमतों में 17% तक की भारी बढ़ोतरी करने की तैयारी में हैं। इस खबर के आते ही बुधवार दोपहर को शेयर बाजार में सिगरेट कंपनियों के स्टॉक्स में जबरदस्त तेजी देखी गई।

मई से धुआं उड़ाना होगा और भी महंगा: ITC और गॉडफ्रे फिलिप्स बढ़ा सकते हैं 17% तक दाम; बाजार में शेयर चमके

शेयर बाजार: निवेशकों ने काटा मुनाफा

कीमतें बढ़ने की खबर ने बाजार में सकारात्मक संदेश भेजा, जिससे कंपनियों के शेयर रॉकेट की तरह बढ़े:

  1. गॉडफ्रे फिलिप्स: स्टॉक में 7.4% तक का उछाल आया।
  2. ITC Ltd: शेयर करीब 4% की बढ़त के साथ ₹317.5 के स्तर पर पहुंच गए।
  3. Nifty FMCG: इस तेजी के दम पर एफएमसीजी इंडेक्स भी 2% ऊपर ट्रेड करता दिखा।

क्यों बढ़ रहे हैं दाम? ‘टैक्स’ बना मुख्य कारण

कीमतों में इस इजाफे के पीछे सरकार द्वारा बढ़ाई गई एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) है।

  1. नया बिल: संसद द्वारा पास केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) बिल, 2025 के तहत सिगरेट पर टैक्स का ढांचा बदल दिया गया है।
  2. भारी ड्यूटी: अब प्रति 1,000 स्टिक्स पर ₹2,050 से लेकर ₹8,500 तक की एक्साइज ड्यूटी लग रही है, जो 1 फरवरी 2026 से प्रभावी है।
  3. GST का बोझ: इसके ऊपर 40% GST पहले से ही लागू है, जिससे कुल टैक्स बोझ काफी बढ़ गया है।

जेब पर सीधा असर: ₹115 वाला पैकेट अब ₹135 में!

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बढ़ोतरी केवल प्रीमियम सिगरेट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सस्ते ब्रांड्स (Value Segment) पर भी लागू होगी।

  1. गोल्डफ्लेक प्रीमियम: इसका एक पैकेट जो अभी ₹115 का मिलता है, मई में ₹135 के करीब पहुंच सकता है।
  2. किंग साइज सिगरेट: प्रति स्टिक कीमत जो पहले ₹20 थी, अब बढ़कर ₹25 से ₹28 तक हो सकती है।

विशेषज्ञों का नजरिया

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सिगरेट कंपनियों के पास ‘प्राइसिंग पावर’ (कीमतें तय करने की शक्ति) बहुत मजबूत होती है। भले ही टैक्स बढ़े, ये कंपनियां उसका बोझ सीधे ग्राहकों पर डाल देती हैं, जिससे उनका मुनाफा (Profitability) सुरक्षित रहता है। हालांकि, कुछ वितरकों ने चेतावनी दी है कि कीमतें अत्यधिक बढ़ने से अवैध (Illicit) सिगरेट के कारोबार में बढ़ोतरी हो सकती है।

Usha Pamnani

20 वर्षों से डिजिटल एवं प्रिंट मीडिया की पत्रकारिता में देश-विदेश, फ़िल्म, खेल सहित सामाजिक खबरों की एक्सपर्ट, वर्तमान में यशभारत डॉट कॉम में वरिष्ठ जिला प्रतिनिधि