बिल्डरों-दलालों के फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम- MP में आ गया ABPAS 3.0; प्लॉट लेने से पहले मोबाइल पर ही दिख जाएगी कॉलोनी की कुंडली
MP के घर खरीदारों को बड़ी राहत: अब एक क्लिक में पता चलेगी कॉलोनी वैध है या अवैध; लागू हुआ ABPAS 3.0 सिस्टम, दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति
बिल्डरों-दलालों के फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम- MP में आ गया ABPAS 3.0; प्लॉट लेने से पहले मोबाइल पर ही दिख जाएगी कॉलोनी की कुंडली
बिल्डरों-दलालों के फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम- MP में आ गया ABPAS 3.0; प्लॉट लेने से पहले मोबाइल पर ही दिख जाएगी कॉलोनी की कुंडली
भोपाल: मध्य प्रदेश में अपना खुद का आशियाना या फ्लैट खरीदने की प्लानिंग कर रहे नागरिकों के लिए राज्य सरकार ने एक बेहद शानदार और बड़ी राहत भरी खबर दी है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नगरीय निकायों में पहले से लागू ऑटोमैटिक बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम को हाईटेक करते हुए इसका अपग्रेड वर्जन ABPAS 3.0 लॉन्च कर दिया है।
इस नए और एडवांस सिस्टम के आने के बाद अब जनता को अपनी जमा-पूंजी फंसाने से पहले सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या दलालों के झांसे में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लोग घर बैठे सिर्फ एक क्लिक के जरिए यह आसानी से चेक कर सकेंगे कि जिस कॉलोनी में वे प्लॉट या फ्लैट खरीद रहे हैं, वह कानूनी रूप से वैध (Approved) है या अवैध (Illegal)।
एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी सारी मंजूरियां (All-in-One System)
नए ABPAS 3.0 प्लेटफॉर्म को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जमीन और मकान से जुड़े सभी जरूरी विभागों की एनओसी (NOC) और डेटा को एक साथ जोड़ दिया गया है। बिल्डरों-दलालों के फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम- MP में आ गया ABPAS 3.0; प्लॉट लेने से पहले मोबाइल पर ही दिख जाएगी कॉलोनी की कुंडली
इंटीग्रेटेड सिस्टम: इस नए प्लेटफॉर्म पर कॉलोनाइजर लाइसेंस, रेरा (RERA) रजिस्ट्रेशन और नगर निगम/नगरीय निकायों की अन्य संबंधित मंजूरियों को एक साथ इंटीग्रेट (जोड़ा) किया जा रहा है।
बिल्डिंग परमिशन भी आसान: घर बनाने के लिए बिल्डिंग प्लान (मानचित्र) की अनुमति भी इस सिस्टम के जरिए बेहद पारदर्शी और कम समय में मिल सकेगी।
मानसून सत्र में कॉलोनाइजर एक्ट को मंजूरी मिलते ही होगा पूरी तरह प्रभावी
यह एडवांस सिस्टम तकनीकी रूप से तैयार हो चुका है, लेकिन कानूनी रूप से इसे और मजबूत बनाने के लिए विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में कॉलोनाइजर एक्ट (संशोधन) को मंजूरी दिलाई जाएगी। एक्ट पास होते ही यह एडवांस डिजिटल सिस्टम पूरे मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में पूरी ताकत से प्रभावी हो जाएगा।
आम जनता को क्या होगा सीधा फायदा?
धोखाधड़ी पर लगाम: अवैध कॉलोनियों में प्लॉट लेकर फंसने का डर हमेशा के लिए खत्म होगा। खरीदने से पहले ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
समय की बचत: कॉलोनाइजरों और आम नागरिकों को अब नक्शा पास कराने या लाइसेंस के वेरिफिकेशन के लिए नगर निगम, रेरा ऑफिस या अन्य सरकारी विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया: पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सिंगल-क्लिक होने की वजह से बिचौलियों और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी।