दतिया उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भरा पर्चा, नामांकन में उमंग सिंघार रहे मौजूद लेकिन प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी दिखे नदारद
दतिया: दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन के आखिरी दिन सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।
पर्चा दाखिल करने के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी सियासत और गुटबाजी को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं, क्योंकि नामांकन के समय कई बड़े चेहरे तो साथ दिखे, लेकिन मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी इस महत्वपूर्ण मौके से नदारद रहे।
दिग्गजों की मौजूदगी में दाखिल हुआ नामांकन
कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह जब अपना नामांकन पत्र जमा करने पहुंचे, तो संगठन की ओर से एकजुटता दिखाने की कोशिश की गई।
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साथ रहे नेता: पर्चा दाखिल करते समय घनश्याम सिंह के साथ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और वरिष्ठ कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया विशेष रूप से मौजूद रहे।
दतिया में रहकर भी नामांकन में क्यों नहीं पहुंचे जीतू पटवारी?
घनश्याम सिंह के नामांकन के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) जीतू पटवारी का शामिल न होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है, खासकर तब जब वे दतिया में ही मौजूद हैं।
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रविवार से दतिया में डेरा: जीतू पटवारी रविवार शाम से ही दतिया में डेरा डाले हुए हैं। हालांकि, वे नामांकन रैली में जाने के बजाय पर्दे के पीछे रहकर डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं।
नाराज नेताओं को साधने में जुटे PCC चीफ
दतिया में टिकट वितरण के बाद से ही स्थानीय स्तर पर असंतोष की खबरें सामने आ रही थीं। जीतू पटवारी इन नाराज और असंतुष्ट नेताओं को मनाने की कवायद में लगे हैं: दतिया उपचुनाव: कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने भरा पर्चा, नामांकन में उमंग सिंघार रहे मौजूद लेकिन प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी दिखे नदारद
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अवधेश नायक के घर पहुंचे: टिकट न मिलने से सबसे ज्यादा नाराज चल रहे अवधेश नायक को साधने के लिए जीतू पटवारी खुद उनके घर पहुंचे। पटवारी ने उनके साथ वहां रात्रि भोजन (डिनर) किया और उन्हें शांत करने का प्रयास किया।
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राजेंद्र भारती से मुलाकात: अवधेश नायक को मनाने के बाद पटवारी सीधे पूर्व विधायक राजेंद्र भारती से मिलने उनके निवास पर पहुंचे और उपचुनाव में पार्टी के लिए एकजुट होकर काम करने की रणनीति पर चर्चा की।
राजनीतिक गलियारों की हलचल: जानकारों का मानना है कि दतिया का यह उपचुनाव कांग्रेस के लिए साख का सवाल है। यही वजह है कि जीतू पटवारी नामांकन के सार्वजनिक मंच पर दिखने के बजाय बंद कमरों में नाराज नेताओं की मान-मनौव्वल करने को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि ऐन चुनाव के वक्त भितरघात के खतरे को टाला जा सके।
