सब-इंस्पेक्टर ने 6.5 साल की पोती को थमाई कार की स्टीयरिंग, वीडियो वायरल होने पर DGP ने किया सस्पेंड
हैदराबाद: तेलंगाना के नरसिंगी (साइबराबाद) से एक हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां कानून के रखवाले ने ही सरेआम नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। यहां एक सब-इंस्पेक्टर ने अपनी महज 6.5 साल की मासूम पोती को सड़क पर कार चलाने के लिए दे दी। इस खतरनाक लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद आरोपी सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।
बगल की सीट पर बैठ तमाशा देखते रहे सब-इंस्पेक्टर
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि 6.5 साल की बच्ची स्टीयरिंग थामकर कार चला रही है, जबकि उसके बगल वाली सीट पर खुद सब-इंस्पेक्टर बैठे हुए हैं। वहीं, एक अन्य वीडियो में स्थानीय लोग इस घोर लापरवाही का विरोध करते और सब-इंस्पेक्टर को टोकते हुए नजर आ रहे हैं।
DGP के निर्देश पर सब-इंस्पेक्टर सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू
मामला जैसे ही सोशल मीडिया के जरिए आला अधिकारियों तक पहुंचा, पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई।
-
सस्पेंशन की कार्रवाई: तेलंगाना पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिदेशक (DGP) सी.वी. आनंद (IPS) ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने साइबराबाद पुलिस कमिश्नर को निर्देश देकर संबंधित अधिकारी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने और इस गंभीर लापरवाही के लिए विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।सब-इंस्पेक्टर ने 6.5 साल की पोती को थमाई कार की स्टीयरिंग, वीडियो वायरल होने पर DGP ने किया सस्पेंड
MP के CM मोहन यादव की सुरक्षा में बड़ी चूक, हेलीपैड पर ड्रोन मंडराते ही पायलट ने टेकऑफ से किया मना
BNS और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज
साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर आधिकारिक तौर पर केस दर्ज होने की पुष्टि की है।
-
आरोपी की पहचान: आरोपी सब-इंस्पेक्टर की पहचान पुजारी थिरुपति के रूप में हुई है।
-
दर्ज धाराएं: नरसिंगी पुलिस स्टेशन इलाके में एक नाबालिग को गाड़ी चलाने की इजाजत देकर दूसरों की जान जोखिम में डालने के आरोप में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 और 180 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा: इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद इंटरनेट पर लोग जमकर गुस्सा निकाल रहे हैं। यूज़र्स का कहना है कि जहां एक तरफ पुलिस आम जनता को ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाती है, वहीं खुद एक जिम्मेदार अधिकारी का अपनी इतनी छोटी पोती को गाड़ी देना न सिर्फ उस बच्ची बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान से भी खिलवाड़ है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की कानूनी जांच कर रही है।
