इंदौर पुलिस की ‘इनसाइड स्टोरी’: प्रमोशन लिस्ट से गायब हुए 200 नाम; ड्रग्स कांड में ‘नाना पटवारी’ को सेफ एग्जिट देने की महकमे में ही चर्चा तेज

इंदौर पुलिस की 'इनसाइड स्टोरी': प्रमोशन लिस्ट से गायब हुए 200 नाम; ड्रग्स कांड में 'नाना पटवारी' को सेफ एग्जिट देने की महकमे में ही चर्चा तेज

इंदौर पुलिस की ‘इनसाइड स्टोरी’: प्रमोशन लिस्ट से गायब हुए 200 नाम; ड्रग्स कांड में ‘नाना पटवारी’ को सेफ एग्जिट देने की महकमे में ही चर्चा तेज

इंदौर: मध्य प्रदेश शासन द्वारा पुलिस विभाग में स्थायी पदोन्नति का रास्ता खोलते ही वर्षों से दबा इंतजार और नाराजगी दोनों एक साथ सतह पर आ गए हैं. शनिवार को जारी हुई पुलिसकर्मियों की वरिष्ठता सूची के बाद इंदौर पुलिस महकमे में एक नया विवाद खड़ा हो गया है. इसके अलावा, साइबर फ्रॉड के मामलों में पेंडेंसी और एक हाई-प्रोफाइल ड्रग्स केस में पुलिसिया जांच की रफ्तार को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं.

 प्रमोशन लिस्ट आते ही मची खलबली: छुट्टी के दिन भी दफ्तर में उमड़ी भीड़

राज्य शासन के निर्देश पर जैसे ही शनिवार को पुलिसकर्मियों की वरिष्ठता सूची जारी की गई, पलासिया स्थित पुलिस कार्यालय में हड़कंप मच गया. एक तरफ जहां 1168 आरक्षकों का प्रधान आरक्षक बनने का रास्ता साफ हो गया और उनके चेहरे खिल उठे, वहीं सैकड़ों योग्य पुलिसकर्मी सूची से नाम गायब होने पर मायूस नजर आए.

 1930 साइबर हेल्पलाइन: थानों में सिर्फ कागजी कार्रवाई, विवेचना की चाल कछुआ

राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर आने वाली शिकायतों को लेकर थानों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पीड़ितों को त्वरित राहत देने के लिए ₹25,000 तक के साइबर फ्रॉड के मामलों में तुरंत ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज करने के कड़े निर्देश दिए हैं.

कागजों में सिमटा ‘साइबर युद्ध’

 ड्रग्स प्रकरण: क्या ‘नाना पटवारी’ को बचाने के रास्ते तलाश रहे अफसर?

इंदौर के सबसे चर्चित ड्रग्स मामलों में से एक में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी को लेकर पुलिस महकमे के भीतर ही तरह-तरह की चर्चाएं और सवाल तैर रहे हैं.

मेमोरेंडम और बयानों के बाद भी कार्रवाई अटकी

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