38 साल बाद आ रहीं देश की प्रथम नागरिक, लेकिन पवित्र नगरी में क्यों नहीं कर सकतीं रात्रि विश्राम? जानिए क्या है वो सदियों पुरानी अलौकिक परंपरा…

Omkareshwar Mega Protocol: ओंकारेश्वर में 38 साल बाद राष्ट्रपति का आगमन! परंपरा का सम्मान करते हुए 'तीर्थनगरी' के बजाय बांध के पार रुकेंगी महामहिम; प्रशासन मुस्तैद

38 साल बाद आ रहीं देश की प्रथम नागरिक, लेकिन पवित्र नगरी में क्यों नहीं कर सकतीं रात्रि विश्राम? जानिए क्या है वो सदियों पुरानी अलौकिक परंपरा…

ओंकारेश्वर/खंडवा: मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में इतिहास रचने जा रहा है। देश की महामहिम राष्ट्रपति के निमाड़ अंचल में पहली बार होने जा रहे ‘रात्रि विश्राम’ (Night Stay) को लेकर शासन और प्रशासन द्वारा युद्धस्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

इस दौरे की सबसे खास और चर्चाओं में रहने वाली बात यह है कि ओंकारेश्वर की सदियों पुरानी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए राष्ट्रपति के ठहरने की व्यवस्था मुख्य तीर्थनगरी की सीमा से बाहर की गई है।

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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में सदियों से एक बेहद पवित्र और अटूट धार्मिक मान्यता चली आ रही है:

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ओंकारेश्वर के इतिहास में यह पल बेहद खास है, क्योंकि यहाँ लगभग चार दशकों के बाद किसी राष्ट्रपति के चरण पड़ रहे हैं:

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