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इंडिया एआई मिशन’ से शेयर बाजार में तहलका- विदेशी निर्भरता खत्म करने उतरीं ये 4 भारतीय कंपनियां; निवेशकों के लिए मुनाफे का महा-मौका

AI Summit 2026: जीत अदाणी बोले- एआई संप्रभुता की परिभाषा बदलेगा, 100 अरब डॉलर का निवेश

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इंडिया एआई मिशन’ से शेयर बाजार में तहलका- विदेशी निर्भरता खत्म करने उतरीं ये 4 भारतीय कंपनियां; निवेशकों के लिए मुनाफे का महा-मौका

बिजनेस डेस्क: वह समय अब तेजी से इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है, जब भारत का डेटा विदेशी सर्वरों पर सुरक्षित होता था, कंप्यूटर चिप के लिए हमें ताइवान का मुंह ताकना पड़ता था या देश के एआई मॉडल अमेरिका में ट्रेन होते थे। आज हिंदुस्तान अपनी डिजिटल संप्रभुता (Digital Sovereignty) की नई इबारत लिख रहा है।

सरकार ने 10,372 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ महत्वाकांक्षी ‘इंडिया एआई मिशन’ को जमीन पर उतार दिया है, जिसका सीधा सा मकसद देश के भीतर 38,000 जीपीयू (GPUs – ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट) तैनात करना है। नीति आयोग का अनुमान है कि इस महा-बदलाव का सीधा आर्थिक फायदा असंगठित क्षेत्र के 49 करोड़ भारतीय कामगारों को मिलेगा।

डेटा सेंटर क्षमता होगी 5 गुना; ये 4 शेयर बनेंगे एआई क्रांति की रीढ़

इस महा-मिशन के कारण देश की जो डेटा सेंटर क्षमता आज 1,280 मेगावाट है, उसके साल 2030 तक चार से पांच गुना बढ़ने की पूरी उम्मीद है। शेयर बाजार में मौजूद ये 4 दिग्गज भारतीय कंपनियां इस एआई और डेटा क्रांति का नेतृत्व कर रही हैं:

 Netweb Technologies: एनवीडिया (Nvidia) की पार्टनर और सुपरकंप्यूटर किंग

 E2E Networks: क्लाउड प्लेटफॉर्म और एआई मशीन लर्निंग का बादशाह

Anant Raj: सस्ती जमीन का मास्टरस्ट्रोक और सॉवरेन क्लाउड का तमगा

 Kaynes Technology: सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का लीडर

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