नागौद राजघराने के गोलीकांड में नया मोड़: पहली बार कैमरे पर आए ‘बाबा राजा’, बोले- ‘सुनीता न प्रेमिका है न दूसरी पत्नी
सतना: सतना जिले के नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में बीते 11 जून को हुए चर्चित गोलीकांड ने पूरे विंध्य क्षेत्र की सियासत और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी थी। इस घटना के चार दिन बाद, मामले के मुख्य केंद्र रहे रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा पहली बार मीडिया के सामने आए। उन्होंने रोष और बेबाकी के साथ इस पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखते हुए उन तमाम दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जो अब तक पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आ रहे थे।
“वह न पत्नी है न प्रेमिका, सिर्फ पेट्रोल पंप की मैनेजर है…”
बाबा राजा ने मीडिया के सामने सबसे बड़ा स्पष्टीकरण उस महिला (सुनीता सिंह) को लेकर दिया, जिसका नाम इस पूरे विवाद की जड़ बताया जा रहा था:नागौद राजघराने के गोलीकांड में नया मोड़: पहली बार कैमरे पर आए ‘बाबा राजा’, बोले- ‘सुनीता न प्रेमिका है न दूसरी पत्नी
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रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी: रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा ने बेहद कड़े शब्दों में कहा, “सुनीता सिंह को बार-बार मीडिया और लोगों द्वारा मेरी दूसरी पत्नी या प्रेमिका बताया जा रहा है, जो कि सरासर झूठ और बकवास है। उनका मुझसे ऐसा कोई रिश्ता नहीं है।”
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बिजनेस पार्टनर का दावा: बाबा राजा ने साफ किया कि सुनीता सिंह केवल उनकी वर्किंग पार्टनर हैं और उनके पेट्रोल पंप पर बतौर मैनेजर के रूप में कार्य करती हैं। वे केवल बिजनेस के सिलसिले में वहां मौजूद थीं।
डिफेंस (आत्मरक्षा) में चली थी गोली, पत्नी और साले पर मारपीट का आरोप
बाबा राजा ने 11 जून की दोपहर करीब 3:30 बजे परसमनिया गढ़ी के भीतर हुए उस खौफनाक बवाल की आंखों देखी कहानी बयां की:
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अपनों पर ही हमला करने का आरोप: रूपेंद्र सिंह ने दावा किया कि घटना के दौरान उनकी पहली पत्नी योगिता सिंह, उनके साले और उनके साथ आए कुछ अन्य बाहरी लोगों ने गढ़ी के अंदर घुसकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट की।
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चश्मा टूटा, सिर पर लगी चोट: बाबा राजा के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ गया था कि हमलावरों ने उन्हें जमीन पर धक्का देकर गिरा दिया, जिससे उनका चश्मा टूट गया। इसी दौरान एक भारी फोटो फ्रेम उनके सिर पर मार दी गई, जिससे वे लहूलुहान और गंभीर रूप से घायल हो गए।
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क्यों चली गोली? रूपेंद्र सिंह ने सुनीता सिंह का बचाव करते हुए कहा कि जब हमलावर उन पर जानलेवा हमला कर रहे थे और उनकी जान खतरे में थी, तब मारपीट और धमकियों के बीच घबराकर सुनीता सिंह ने केवल आत्मरक्षा (Self-Defense) में दीवार की तरफ फायरिंग की थी। उनका मकसद किसी को मारना नहीं, बल्कि हमलावरों को डराकर पीछे हटाना था।
विंध्य की राजनीति और पुलिस तफ्तीश पर टिकी नजरें
राजघराने के इस आपसी कलह और सरेआम गढ़ी में गोली चलने की वारदात के बाद नागौद पुलिस पहले ही मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच आगे बढ़ा चुकी है। अब चूंकि खुद बाबा राजा ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष पर जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए सुनीता सिंह को क्लीन चिट दी है, ऐसे में पुलिस के सामने इस उलझी हुई गुत्थी को सुलझाने की बड़ी चुनौती है।
