Balodabazar Massive Murder Conspiracy: गड़े खजाने के लिए 21 मर्डर की खौफनाक साजिश-कब्र से खोदकर निकाले गए 6 ग्रामीणों के सड़े-गले शव; रायपुर में डॉक्टरों की विशेष टीम ने किया पोस्टमार्टम
विशेष ब्यूरो: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ग्राम पुराना खर्वे में गड़े खजाने (Hidden Treasure) को हासिल करने के अंधविश्वास में रची गई 21 लोगों की हत्या की खौफनाक साजिश के खुलासे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। तंत्र-मंत्र और नरबलि व हत्याओं के इस खूनी खेल का सच अब वैज्ञानिक तरीकों से बाहर आएगा। प्रशासन के कड़े निर्देश के बाद कार्यपालिक दंडाधिकारी (Magistrate) की लाइव मौजूदगी में कब्रिस्तानों से खोदकर निकाले गए छह ग्रामीणों के शवों का बुधवार को रायपुर के डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में डॉक्टरों की विशेष टीम द्वारा कड़े पहरे के बीच पोस्टमार्टम किया गया।
चूंकि ये शव कई महीनों से जमीन के नीचे दफन थे, इसलिए वे पूरी तरह से सड़-गल चुके हैं। अब मौत के असली कारणों और इस महा-साजिश का सच उजागर करने के लिए बिसरा और अवशेषों को फॉरेंसिक जांच (Forensic Lab) के लिए भेजा गया है।
जेसीबी की मदद से खोदकर निकाले गए थे शव, परिजनों में मचा हाहाकार
इस मामले को लेकर पुराना खर्वे गांव में भारी जनाक्रोश और तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसके बाद प्रशासन को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा: Balodabazar Massive Murder Conspiracy
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ग्रामीणों का बढ़ता गुस्सा: ग्रामीणों की लगातार आ रही गंभीर शिकायतों और भारी जनाक्रोश को देखते हुए प्रशासन ने तीन दिन पहले ही जमीन में दफनाए गए शवों को बाहर निकालने (Exhumation) की कानूनी प्रक्रिया शुरू की थी।
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मंगलवार को महा-रेस्क्यू: मंगलवार को भारी पुलिस बल और जेसीबी की मदद से जमीन खोदकर छह शवों को बाहर निकाला गया। बुधवार सुबह विशेष सुरक्षा घेरे और बदहवास-रोते-बिलखते परिजनों की मौजूदगी में इन शवों को रायपुर के आंबेडकर अस्पताल लाया गया।
इन 6 मृतकों के शवों का हुआ पीएम, 1 का पहले ही हो चुका था
इस खौफनाक कांड में अब तक जिन आठ मुख्य मृतकों की कड़ियों को जोड़ा गया है, उनमें से सात को दफनाया गया था:
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महेतरू साहू: इस मृतक का पोस्टमार्टम पहले ही शनिवार को कराया जा चुका था।
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बुधवार को इन 6 का हुआ पीएम: कब्र से निकाले गए बद्री पटेल, बुठालू साहू, छत्तूराम साहू, विनोद साहू, गजानंद मांझी और चैतूराम साहू के कंकाल व सड़े-गले शवों का बुधवार को कड़ा और विस्तृत पोस्टमार्टम पूरा किया गया।
फॉरेंसिक साइंस खोलेगी राज: डॉक्टरों के मुताबिक, शवों की स्थिति बेहद खराब होने के कारण सामान्य तौर पर जहर, गला घोंटने या चोट के निशान ढूंढना नामुमकिन था। इसलिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स अब हड्डियों और बचे हुए टिश्यूज की गहन रासायनिक जांच करेंगे ताकि यह साबित हो सके कि इन्हें धीमा जहर दिया गया या किसी और तरीके से मौत के घाट उतारा गया।
