पात्रों को मिलेगा उनका हक! ढीमरखेड़ा में पटवारियों और वन विभाग को सख्त निर्देश, ग्राम सभा होगी सबसे पावरफुल

पात्रों को मिलेगा उनका हक! ढीमरखेड़ा में पटवारियों और वन विभाग को सख्त निर्देश, ग्राम सभा होगी सबसे पावरफुल

पात्रों को मिलेगा उनका हक! ढीमरखेड़ा में पटवारियों और वन विभाग को सख्त निर्देश, ग्राम सभा होगी सबसे पावरफुल

जिला ब्यूरो, कटनी (23 जून): कटनी जिला प्रशासन और मानव जीवन विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में ढीमरखेड़ा विकासखण्ड के मंगल भवन में मंगलवार को वन अधिकार अधिनियम 2006 (FRA) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय ब्लॉक स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले में वन अधिकार दावों का शत-प्रतिशत और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित करना है. अडानी ग्रुप करेगा ₹1 लाख करोड़ का निवेश, मुंद्रा से कमर्शियल उड़ानें शुरू

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देशानुसार, आगामी 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक एक चरणबद्ध एवं समयबद्ध विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान के तहत 31 दिसंबर 2025 तक के वन अधिकार के पूर्व में निरस्‍त हो चुके दावों का पुन: परीक्षण किया जाएगा और नए दावों का पूरी तरह से निराकरण किया जाएगा.

 पटवारी और वन विभाग समन्वय से करें काम: तहसीलदार

कार्यशाला में ढीमरखेड़ा तहसीलदार श्री नितिन पटेल ने इस बात पर जोर दिया कि वन अधिकार अधिनियम 2006 पात्र हितग्राहियों का एक संवैधानिक अधिकार है. उन्होंने संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए:

एसडीएम की दो टूक: दो दिन में कार्य पूर्ण कर दें फीडबैक

ढीमरखेड़ा एसडीएम निधि गोहल ने पटवारियों और वन विभाग के मैदानी कर्मचारियों को बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने कर्मचारियों को दो दिवस के भीतर आवंटित कार्य को पूर्ण करने और फीडबैक मीटिंग के माध्यम से इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया है.

 विशेषज्ञों और मास्टर ट्रेनर्स ने दी व्यावहारिक ट्रेनिंग

कार्यशाला में विभिन्न संस्थाओं के विशेषज्ञों ने उपस्थित वन अधिकार समिति के पदाधिकारियों, सरपंचों, सचिवों, रोजगार सहायकों, पटवारियों और वन रक्षकों को तकनीकी व व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया:

इस कार्यशाला से मैदानी अमले को दावों के त्वरित और त्रुटिहीन निराकरण में बड़ी मदद मिलेगी, जिससे वास्तविक पात्र परिवारों को उनके अधिकार मिल सकेंगे.

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