परिसीमन और महिला आरक्षण बिल का ‘नया ड्राफ्ट’ तैयार: अब दलितों को मिलेगा 20% कोटा, जानें 2-तिहाई बहुमत के लिए BJP का ‘मिशन 352’ प्लान
नई दिल्ली: केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार देश के सियासी इतिहास का सबसे बड़ा दांव खेलने की दोबारा तैयारी में है। ‘इकॉनोमिक्स टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार महिला आरक्षण और परिसीमन (Delimitation) को लेकर एक नया संशोधित बिल तैयार कर रही है। इस नए बिल में न सिर्फ महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था है, बल्कि दलितों (SC) के लिए भी 20 प्रतिशत आरक्षण का बड़ा प्रावधान जोड़ा जा रहा है।
बता दें कि इससे पहले अप्रैल 2026 में लोकसभा के भीतर दो-तिहाई (2/3) बहुमत न हो पाने के कारण यह बिल गिर गया था। चूंकि यह एक संवैधानिक संशोधन विधेयक है, इसलिए इसे पास कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई सांसदों का समर्थन अनिवार्य है।
क्यों फेल हुआ था पिछला प्रयास? समझें गणित
अप्रैल 2026 में जब इस ऐतिहासिक बिल पर लोकसभा में वोटिंग हुई थी, तब:
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पक्ष में वोट: 298
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विरोध में वोट: 230
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चाहिए थे कितने: बिल पास कराने के लिए कम से कम 352 सांसदों के समर्थन की जरूरत थी, जिससे यह बिल करीब 54 वोटों से अटक गया था।
पिछले बिल में लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था, हालांकि नए संशोधित बिल में सीटों की अंतिम संख्या का खुलासा अभी नहीं किया गया है।
‘मिशन 352’: लोकसभा में 33 सांसदों की कमी कैसे पूरी करेगी BJP? 4 बड़े प्वाइंट्स
शिवसेना (UBT) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) में हाल ही में हुई टूट के बाद लोकसभा में एनडीए (NDA) के पास अब 319 सांसद हैं। जादूई आंकड़े (352) तक पहुंचने के लिए सरकार को 33 और सांसदों की जरूरत है। इसके लिए बीजेपी ने परदे के पीछे से इन 4 रणनीतियों पर काम शुरू कर दिया है:
चंद्रबाबू नायडू का ‘आंध्र कार्ड’ और निर्दलीय
सदन में ‘अन्य’ सांसदों की संख्या 16 है, जिनमें आंध्र प्रदेश की वाईएसआर कांग्रेस (YSRCP) के 4 सांसद और 7 निर्दलीय शामिल हैं। आंध्र के मुख्यमंत्री और एनडीए के सिपहसालार चंद्रबाबू नायडू इस बिल को पास कराने के लिए वाईएसआर के सांसदों और निर्दलीयों को पाला बदलने या समर्थन देने के लिए लामबंद कर रहे हैं। इसी दिन के लिए बल्ला पकड़ा था…’ जर्सी नंबर 3 मिलते ही भावुक हुए वैभव सूर्यवंशी, छुए पैर; वीडियो वायरल
डीएमके (DMK) पर टिकी नजरें
तमिलनाडु की सत्ता गंवाने के बाद द्रमुक (DMK) की कांग्रेस से नाराजगी की खबरें आम हैं। हाल ही में डीएमके ने विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की बैठक का बहिष्कार भी किया था। वाजपेयी सरकार के दौर में एनडीए का हिस्सा रह चुकी डीएमके के पास 22 लोकसभा सांसद हैं। अगर डीएमके का साथ मिलता है, तो एनडीए का रास्ता बेहद आसान हो जाएगा।
शरद पवार की एनसीपी (NCP) में दोबारा टूट के आसार
महाराष्ट्र की सियासत से बड़ी खबर है कि शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में एक बार फिर बड़ी टूट हो सकती है। इस पार्टी के पास फिलहाल 8 लोकसभा सांसद हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवसेना की तर्ज पर ये सांसद भी एनडीए के पाले में आ सकते हैं।
कांग्रेस में ‘भुवनेश्वर कलीता’ जैसा ऑपरेशन?
बीजेपी की नजर कांग्रेस के असंतुष्ट सांसदों पर भी है। याद दिला दें कि साल 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाने के वक्त कांग्रेस के राज्यसभा सांसद भुवनेश्वर कलीता ने ऐन मौके पर इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था, जिससे कांग्रेस व्हिप भी जारी नहीं कर पाई थी। बीजेपी लोकसभा में इसी तरह की बड़ी सेंधमारी की फिराक में है।
