सतना में नाला-तालाब गहरीकरण के नाम पर करोड़ों का ‘कागजी’ खेल, विधायक जी का फोन बंद

सतना महाघोटाला? 11 पंचायतों का पैसा 'एक ही कंपनी' के खाते में; नाला-तालाब गहरीकरण के नाम पर करोड़ों का खेल

सतना में नाला-तालाब गहरीकरण के नाम पर करोड़ों का ‘कागजी’ खेल, विधायक जी का फोन बंद

सतना: मध्यप्रदेश के सतना जिले से भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता की एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। मझगवां जनपद की 11 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर एक ही निजी फर्म, काकू कंस्ट्रक्शन, को 1 करोड़ 87 लाख 2 हजार 784 रुपये का धड़ल्ले से भुगतान कर दिया गया है। इतना ही नहीं, करोड़ों रुपयों के दो और बिल भी भुगतान के लिए लाइन में लगे हैं, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है।

 खेल समझिए: विधायक निधि से आई राशि, एक ही खाते में साफ!

नियमों के मुताबिक, विधायक निधि से विभिन्न ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए राशि स्वीकृत की गई थी और इन पंचायतों को ही निर्माण एजेंसी बनाया गया था। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पंचायतों ने खुद काम कराने के बजाय अधिकांश राशि सतना शहर की बांधवगढ़ कॉलोनी (MIG-144) स्थित ‘काकू कंस्ट्रक्शन’ के खाते में ट्रांसफर कर दी।

 खड़े हो रहे हैं ये 4 बड़े सवाल:

  1. एक ही फर्म पर इतनी मेहरबानी क्यों? अलग-अलग पंचायतों ने बिना किसी निष्पक्ष प्रक्रिया के एक ही कंपनी को करोड़ों रुपये के काम कैसे सौंप दिए?

  2. मई-जून में ‘सुपरफास्ट’ भुगतान: मार्च से मई के बीच कार्यों को पूरा दिखाकर, मई और जून के महीने में ताबड़तोड़ तरीके से लाखों-करोड़ों के बिल पास किए गए।

  3. गहरीकरण के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति: जिन नालों और तालाबों के गहरीकरण के नाम पर सरकारी खजाना खाली किया गया, वहां जमीन पर सिर्फ खानापूर्ति दिख रही है। पुराने तालाबों की बस नाममात्र की खुदाई कर पूरा भुगतान उठा लिया गया।

  4. कहाँ हैं अधिकारी? इस पूरे मामले में तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका (MB) की एंट्री और गुणवत्ता परीक्षण (Quality Check) के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं।

इन पंचायतों ने लुटाया सबसे ज्यादा सरकारी पैसा:

काकू कंस्ट्रक्शन को भुगतान करने में ये चार पंचायतें सबसे आगे रहीं:

ग्राम पंचायत भुगतान की गई राशि
पिपरीटोला ₹34.59 लाख
टेढ़ी पतवनिया ₹24.53 लाख
केरलौरा ₹22.99 लाख
कलवलिया लगभग ₹22.00 लाख

इसके अलावा बंधी, डोमाई, पटनाखुर्द, देवलहा, पुतरीचुवा, और हरिहरपुर जैसी अन्य ग्राम पंचायतों ने भी इस कंपनी पर लाखों रुपये की कृपा बरसाई है।सतना में नाला-तालाब गहरीकरण के नाम पर करोड़ों का ‘कागजी’ खेल, विधायक जी का फोन बंद

 विधायक का फोन ‘नॉट रीचेबल’

इस पूरे मामले में जब क्षेत्रीय विधायक से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका। कई बार कॉल करने के बावजूद उनका मोबाइल फोन रिसीव नहीं हुआ, जिससे इस मामले में रहस्य और गहरा गया है।

अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस करोड़ों के संदिग्ध भुगतान पर क्या एक्शन लेता है और इसकी उच्च स्तरीय जांच कब शुरू होती है।

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