सीपीसिटी और ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता के विरोध में लघु वेतन कर्मचारी संघ का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट में सौंपा 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन, आदेशों की प्रतियां जलाकर जताया विरोध

सीपीसिटी और ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता के विरोध में लघु वेतन कर्मचारी संघ का प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट में सौंपा 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन, आदेशों की प्रतियां जलाकर जताया विरो

 

कटनी –  मध्य प्रदेश लघु वेतन कर्मचारी संघ शाखा जिला कटनी के जिलाध्यक्ष पूर्णेश उइके एवं मीडिया प्रभारी अनिल पांडेय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि आज दिनांक 11अगस्त सोमवार को कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर माननीय मुख्यमंत्री जी एवं श्रीमान मुख्य सचिव मध्य प्रदेश शासन के नाम का ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान संघ के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए सीपीसीटी की अनिवार्यता तथा ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर विरोध जताते हुए दस्तावेजों की प्रतियां जलाकर उग्र प्रदर्शन किया।

 

संघ ने मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव के नाम सौंपे गए ज्ञापन में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदोन्नति के लिए सीपीसीटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से शिथिलता प्रदान करने की मांग की है। संघ का कहना है कि भृत्य, चौकीदार एवं कार्यालय परिचालक सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वर्षों से शासकीय सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन लंबे समय से पदोन्नति नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी अपने अधिकार से वंचित हैं।

 

संघ के अनुसार, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सहायक ग्रेड-3 पद पर पदोन्नति के लिए निर्धारित कोटे का प्रावधान पहले से मौजूद है। ऐसे में पदोन्नति के लिए सीपीसीटी की अनिवार्यता को लेकर कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। संघ ने कहा कि बड़ी संख्या में कर्मचारी 40 वर्ष से अधिक आयु के हैं और उन्हें कंप्यूटर प्रशिक्षण का पर्याप्त अवसर नहीं मिला है। ऐसी स्थिति में सीपीसीटी परीक्षा की अनिवार्यता पदोन्नति में बाधा बन रही है।

 

ई-अटेंडेंस से छूट की मांग

 

संघ ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था का भी विरोध करते हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को इससे छूट देने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि कई कर्मचारी की-पैड मोबाइल का उपयोग करते हैं तथा कुछ कर्मचारियों के पास स्मार्टफोन तक उपलब्ध नहीं है। वहीं कई भृत्य कर्मचारी डाक, फाइल एवं अन्य शासकीय कार्यों के लिए कार्यालय से बाहर तैनात रहते हैं, जिससे उनके लिए ई-अटेंडेंस दर्ज करना व्यावहारिक रूप से कठिन है।

 

शिक्षा विभाग में लागू ‘हमारे शिक्षक एप’ के माध्यम से ई-अटेंडेंस को लेकर भी संघ ने सवाल उठाए। संघ का कहना है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कार्य एवं दायित्व शिक्षकों से अलग हैं। विद्यालय एवं कार्यालय खोलने-बंद करने, अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने, डाक पहुंचाने और अन्य विभागीय कार्यों के लिए बाहर जाने वाले कर्मचारियों के लिए मौजूदा ई-अटेंडेंस व्यवस्था व्यवहारिक नहीं है।

 

संघ ने मांग की कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ई-अटेंडेंस से छूट देकर उपस्थिति पंजी एवं कार्यालय प्रमुख के प्रमाणीकरण को मान्यता दी जाए। साथ ही यदि ई-अटेंडेंस लागू रखना आवश्यक हो तो कर्मचारियों को मोबाइल सेट, डाटा खर्च एवं विभागीय स्तर पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।

 

छह सूत्रीय मांगों पर भी उठाई आवाज

 

लघु वेतन कर्मचारी संघ ने ज्ञापन के माध्यम से आकस्मिक कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, स्थायी कर्मी एवं अंशकालीन कर्मचारियों से जुड़ी मांगों को भी प्रमुखता से उठाया। संघ ने आकस्मिक कार्यभारित कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारियों की तरह अर्जित अवकाश की पात्रता देने, भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में प्रावधान कर सहायक ग्रेड-3 पद पर पदोन्नति का अवसर देने की मांग की।

 

स्थायी कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ देने, उनकी सेवाओं का वर्गीकरण करने तथा कर्मचारी की मृत्यु होने पर अनुकंपा नियुक्ति का लाभ देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। इसके अलावा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करने तथा अंशकालीन कर्मचारियों को स्थायी कर्मी का दर्जा देने की मांग उठाई गई।

 

संघ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता-सहायिका, कोटवार, आशा-उषा सहयोगिनी तथा मध्यान्ह भोजन एवं सांझा चूल्हा रसोइया सहित विभिन्न संवर्गों के मानदेय में वृद्धि कर न्यूनतम 30 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग भी रखी।

 

दस्तावेज जलाकर जताया आक्रोश

 

ज्ञापन सौंपने के दौरान संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने सीपीसीटी एवं ई-अटेंडेंस से संबंधित आदेशों/दस्तावेजों की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की और कहा कि यदि कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो संघ आगे भी चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

 

इस दौरान लघु वेतन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष पूर्णेश उइके, उप प्रान्ताध्यक्ष अजय गौतम, जिला सचिव सौरभ सिंह, जिला महामंत्री मनोज श्रीवास सौरभ सिंह आशीष पटेल अजीमुद्दीन शाह हरीश बेन बाबूलाल अहिरवार प्रभु द्विवेदी भागीरथ तिवारी बबलू चौधरी शकुन उसरेठे जमुना महतो अर्चना सेन रत्ना ठाकुर तेजभान सिंह रामवतार विश्वकर्मा सहित संघ के पदाधिकारी एवं कर्मचारी गण बालकदास राकेश पांडेय नीलेश पौराणिक सुरजीत सिंह अनोद यादव सत्येंद्र कोरी शंभु प्रदीप रजक रामेश्वर बर्मन विजय कोल नीरज पटेल अभिषेक सिंह आयुष पांडेय नरेश राठौर सुशील यादव उषा दुर्गा रागिनी ललिता रेणु बबीता रजनी खुशबु रीना रागिनी विमला अर्चना सपना गिरिजा शांति आरती सपना चौधरी साधना शोभा रामसखी मौजूद रहे।

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